विधानसभा में बोले विजय, हम पेरियार के अनुयायी लेकिन ईश्वर विरोधी नहीं, भगवान में आस्था रखती है टीवीके

Joseph Vijay Joseph Vijay

चेन्नई। तमिलनाडु के मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय ने सोमवार को विधानसभा में स्पष्ट किया कि उनकी पार्टी तमिलगा वेत्री कषगम (टीवीके) ने द्रविड़ आंदोलन के जनक माने जाने वाले पेरियार ई.वी. रामासामी के व्यापक सामाजिक सिद्धांतों को स्वीकार किया है, लेकिन उनकी नास्तिकता और धार्मिक आस्था के विरोध वाले विचारों को नहीं अपनाया। राज्यपाल के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव के दौरान बोलते हुए विजय ने कहा कि उनकी पार्टी ने हमेशा यह स्पष्ट किया है कि वह भगवान में विश्वास रखती है और किसी भी विचारधारा के विरोध में राजनीति नहीं करती। उन्होंने कहा कि पेरियार की शिक्षाओं से सामाजिक समानता, आत्मसम्मान और न्याय के सिद्धांत लिए गए हैं, लेकिन धार्मिक विश्वास को अस्वीकार करने वाले विचारों को पार्टी ने स्वीकार नहीं किया।

आंबेडकर, कामराज और पेरियार से प्रेरित है सरकार की विचारधारा

विजय ने कहा कि उनकी सरकार की वैचारिक नींव कई महान नेताओं के सिद्धांतों पर आधारित है। उन्होंने बताया कि पेरियार से सामाजिक सुधार और समानता की सोच, डॉ. भीमराव आंबेडकर से समान अवसर और सामाजिक न्याय की अवधारणा तथा पूर्व मुख्यमंत्री के. कामराज से ईमानदार और जनहितकारी प्रशासन की प्रेरणा ली गई है। मुख्यमंत्री ने कहा कि उनकी सरकार इन तीनों नेताओं के मूल्यों को साथ लेकर चल रही है। उन्होंने जोर देकर कहा कि सामाजिक न्याय, अवसरों की समानता और पारदर्शी प्रशासन ही उनकी सरकार के प्रमुख लक्ष्य हैं और इन्हीं सिद्धांतों के आधार पर शासन संचालित किया जा रहा है।

बिना गठबंधन चुनाव लड़ा, 35 प्रतिशत वोट हासिल किए

मुख्यमंत्री विजय ने विधानसभा में अपनी पार्टी की राजनीतिक यात्रा का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि 2026 के विधानसभा चुनाव में टीवीके ने किसी भी दल के साथ गठबंधन किए बिना अकेले चुनाव लड़ा और जनता ने उस पर भरोसा जताया। विजय के अनुसार पार्टी को 35 प्रतिशत मत प्राप्त हुए और करीब 1.72 करोड़ लोगों ने समर्थन दिया। उन्होंने कहा कि इसी जनसमर्थन के बल पर टीवीके राज्य की एक बड़ी राजनीतिक शक्ति बनकर उभरी और सरकार बनाने में सफल रही। विजय ने कहा कि उनकी पार्टी ने पहले जनता के बीच जाकर विश्वास बनाया और उसके बाद राजनीतिक दल का गठन किया, इसलिए उसे केवल एक अभिनेता की पार्टी बताना वास्तविकता को नजरअंदाज करना है।

विपक्ष पर निशाना, करूर हादसे और भ्रष्टाचार का भी किया जिक्र

अपने भाषण में विजय ने विपक्ष पर भी तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि टीवीके के उभार के दौरान पार्टी को कई चुनौतियों का सामना करना पड़ा और कई ऐसी घटनाओं के लिए भी जिम्मेदार ठहराया गया जिनसे उसका कोई संबंध नहीं था। उन्होंने करूर की घटना का उल्लेख करते हुए कहा कि 41 लोगों की मौत के लिए भी उनकी पार्टी को दोषी ठहराने की कोशिश की गई। मुख्यमंत्री ने यह भी आरोप लगाया कि पिछली सरकार के कार्यकाल में “पार्टी फंड” के नाम पर बड़े पैमाने पर भ्रष्टाचार हुआ। इस टिप्पणी के बाद द्रमुक सदस्यों ने विरोध जताते हुए सदन से वॉकआउट कर दिया। विजय ने कहा कि राजनीतिक प्रतिद्वंद्वी और वैचारिक प्रतिद्वंद्वी अलग-अलग होते हैं और उनकी पार्टी दोनों के बीच स्पष्ट अंतर करती है।

अन्नादुरै और एमजीआर सरकारों से की तुलना, वाम दलों पर भी टिप्पणी

विजय ने अपनी सरकार की तुलना पूर्व मुख्यमंत्री सी.एन. अन्नादुरै और एम.जी. रामचंद्रन की सरकारों से करते हुए कहा कि जैसे अन्ना के दौर में आम लोगों की सरकार थी और एमजीआर के समय बहुत साधारण लोगों की सरकार थी, उसी तरह उनकी सरकार सबसे साधारण लोगों की सरकार है। उन्होंने दावा किया कि 2026 के चुनाव में टीवीके ने धर्म और जाति की दीवारों को तोड़ते हुए जनता का व्यापक समर्थन हासिल किया। वामपंथी दलों को लेकर हुई टिप्पणियों पर प्रतिक्रिया देते हुए विजय ने कहा कि वाम दल उनकी दया पर नहीं, बल्कि अपनी इच्छा से उनके गठबंधन में शामिल हुए थे। उन्होंने कहा कि वाम दलों के कुछ हालिया बयानों को लेकर वह स्वयं भी भ्रमित हैं। इस दौरान सदन में राजनीतिक नोकझोंक देखने को मिली और विपक्षी दलों ने सरकार के दावों पर सवाल उठाए।

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