ऑपरेशन टाइगर: 2 सांसदों के शिंदे गुट में जाने पर फडणवीस बोले- मिशन सफल; उद्धव ने कहा- असली शिवसेना सिर्फ एक

Operation Tiger Operation Tiger

मुंबई. महाराष्ट्र की राजनीति में शिवसेना (यूबीटी) को बड़ा झटका लगा है। पार्टी के दो सांसदों के एकनाथ शिंदे गुट में शामिल होने के बाद मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने दावा किया कि “ऑपरेशन टाइगर” सफल हो गया है। वहीं उद्धव ठाकरे ने बागी नेताओं, भाजपा और शिंदे गुट पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि असली शिवसेना सिर्फ एक है और वह बालासाहेब ठाकरे की विचारधारा वाली शिवसेना है।

फडणवीस ने बताया ऑपरेशन टाइगर सफल
मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने पत्रकारों से बातचीत में कहा कि “ऑपरेशन सफल है और बॉडी भी स्वस्थ है।” उन्होंने क्रिकेट शैली में टिप्पणी करते हुए शिंदे गुट की रणनीति को सफल बताया। माना जा रहा है कि ऑपरेशन टाइगर का मकसद उद्धव ठाकरे गुट के सांसदों को अपने साथ लाकर संसद में शिंदे गुट की ताकत बढ़ाना है। यह नाम शिवसेना के पारंपरिक चुनाव चिन्ह और बालासाहेब ठाकरे की विरासत से भी जोड़ा जा रहा है।

दो सांसदों ने बदला पाला
धाराशिव सांसद ओमराजे निंबालकर और हिंगोली सांसद नागेश पाटिल आष्टीकर ने शिंदे गुट में जाने का फैसला सार्वजनिक कर दिया। दोनों नेताओं ने कहा कि विपक्ष में रहने के कारण उनके क्षेत्रों के विकास कार्य प्रभावित हो रहे थे। उनका दावा है कि फंड की कमी और विकास परियोजनाओं में आ रही रुकावटों के कारण उन्हें यह फैसला लेना पड़ा।

शिंदे ने दिए और टूट के संकेत
उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने संकेत दिए कि आने वाले दिनों में और सांसद भी उद्धव गुट छोड़ सकते हैं। उन्होंने कहा कि उनकी तरफ से कोई भी कदम आधा-अधूरा नहीं होता और जल्द ही नई राजनीतिक खबरें सामने आएंगी। शिंदे ने यह भी कहा कि उनके गुट की रणनीति पूरी तरह योजनाबद्ध और मजबूत है।

उद्धव का पलटवार, मांगी जनता से माफी
मुंबई के भांडुप में कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए उद्धव ठाकरे ने कहा कि जिन सांसदों ने पार्टी छोड़ी है, उन्हें जनता ने शिवसेना और मशाल चुनाव चिन्ह के नाम पर चुना था। उन्होंने कहा कि ऐसे उम्मीदवारों को टिकट देना उनकी गलती थी और इसके लिए वह मतदाताओं से माफी मांगते हैं। उद्धव ने कहा कि जहां-जहां विश्वासघात हुआ है, वह वहां जाकर लोगों से माफी मांगेंगे।

भाजपा और बागियों पर साधा निशाना
उद्धव ठाकरे ने भाजपा पर शिवसेना को कमजोर करने की साजिश रचने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि कभी शिवसेना ने भाजपा को राजनीतिक तौर पर मजबूत किया था, लेकिन अब वही पार्टी शिवसेना को तोड़ने में लगी है। ठाकरे ने दोहराया कि शिवसेना किसी बाहरी व्यक्ति की नहीं बल्कि बालासाहेब ठाकरे की विरासत है और इसका नेतृत्व कौन करेगा, यह बाहर से कोई तय नहीं कर सकता।

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