अयातुल्ला खामेनेई का अंतिम संस्कार: भाजपा अध्यक्ष नितिन नवीन और खड़गे को ईरान का न्योता; भारत भेजेगा प्रतिनिधिमंडल

Nitin Nabin, Mallikarjun Kharge Nitin Nabin, Mallikarjun Kharge

इंटरनेशनल डेस्क. ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई के अंतिम संस्कार में शामिल होने के लिए भारत के प्रमुख राजनीतिक नेताओं को न्योता भेजा गया है। ईरान ने भाजपा अध्यक्ष नितिन नवीन और कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे को औपचारिक निमंत्रण दिया है। इसके अलावा कांग्रेस के वरिष्ठ नेता सलमान खुर्शीद और पवन खेड़ा को भी आमंत्रित किया गया है। भारत सरकार की ओर से विदेश राज्य मंत्री पबित्रा मार्गेरिटा और बिहार के राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल (सेवानिवृत्त) सैयद अता हसनैन के शामिल होने की संभावना है। हालांकि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कार्यक्रम में शामिल होने की संभावना फिलहाल कम मानी जा रही है।

भारत के शीर्ष नेताओं को भेजा गया निमंत्रण

सूत्रों के मुताबिक ईरान ने भाजपा और कांग्रेस दोनों के शीर्ष नेतृत्व को अंतिम संस्कार समारोह में शामिल होने का न्योता दिया है। भाजपा अध्यक्ष नितिन नवीन और कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे के अलावा कांग्रेस नेता सलमान खुर्शीद और पवन खेड़ा को भी आमंत्रित किया गया है। ईरान की कोशिश इस कार्यक्रम में विभिन्न देशों और राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों की मौजूदगी सुनिश्चित करने की है। भारत और ईरान के लंबे कूटनीतिक रिश्तों को देखते हुए इस निमंत्रण को अहम माना जा रहा है।

भारत सरकार की ओर से कौन होगा शामिल

भारत सरकार की ओर से विदेश राज्य मंत्री पबित्रा मार्गेरिटा और बिहार के राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल (सेवानिवृत्त) सैयद अता हसनैन के तेहरान पहुंचने की संभावना है। सूत्रों के अनुसार दोनों नेता भारतीय प्रतिनिधिमंडल का हिस्सा बन सकते हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को भी ईरानी राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियन की ओर से निमंत्रण मिला था, लेकिन अब तक भारत सरकार ने आधिकारिक तौर पर यह घोषणा नहीं की है कि कार्यक्रम में किस स्तर का प्रतिनिधित्व होगा। फिलहाल प्रधानमंत्री के शामिल होने की संभावना कम बताई जा रही है।

अमेरिका-इजरायल हमले में हुई थी खामेनेई की मौत

ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई की 28 फरवरी को अमेरिका और इजरायल के संयुक्त हवाई हमलों में मौत हो गई थी। इस घटना के बाद पश्चिम एशिया में तनाव काफी बढ़ गया था। खामेनेई वर्ष 1989 से 2026 तक ईरान के सर्वोच्च नेता रहे और देश की राजनीति, सुरक्षा तथा विदेश नीति में उनकी निर्णायक भूमिका रही। उनकी मौत के बाद ईरान में कई दिनों तक राष्ट्रीय शोक घोषित किया गया और अंतिम संस्कार की तारीख भी कई बार बदली गई।

अंतिम संस्कार का कार्यक्रम कई शहरों में होगा

ईरानी मीडिया के अनुसार अंतिम संस्कार से जुड़े धार्मिक कार्यक्रम 6 जुलाई को तेहरान, 7 जुलाई को कुम और 9 जुलाई को मशहद में आयोजित किए जाएंगे। 9 जुलाई को ही इमाम रजा की दरगाह परिसर में खामेनेई को सुपुर्द-ए-खाक किया जाएगा। आयोजकों ने दुनिया भर के लोगों, इस्लामी जगत के अनुयायियों और ईरान के समर्थकों से इन कार्यक्रमों में शामिल होने की अपील की है। मुहर्रम के दौरान आयोजित होने वाले इस समारोह में बड़ी संख्या में लोगों के पहुंचने की उम्मीद जताई जा रही है।

कई देशों के नेताओं को भी बुलाया गया

ईरान ने भारत के अलावा चीन, रूस, पाकिस्तान और कतर समेत कई देशों के शीर्ष नेताओं को भी अंतिम संस्कार में शामिल होने का निमंत्रण दिया है। पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ पहले ही घोषणा कर चुके हैं कि उनका देश आधिकारिक प्रतिनिधिमंडल भेजेगा। ईरान इस कार्यक्रम के जरिए अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपने करीबी देशों के साथ एकजुटता का संदेश देने की कोशिश कर रहा है। इसलिए इस समारोह को सिर्फ धार्मिक नहीं बल्कि कूटनीतिक दृष्टि से भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

भारत-ईरान रिश्तों पर रहेगी नजर

खामेनेई के अंतिम संस्कार में भारत की भागीदारी पर भी अंतरराष्ट्रीय समुदाय की नजर रहेगी। भारत और ईरान के बीच ऊर्जा, चाबहार बंदरगाह, व्यापार और क्षेत्रीय सुरक्षा जैसे कई अहम मुद्दों पर लंबे समय से सहयोग रहा है। ऐसे में भारत किस स्तर का प्रतिनिधित्व करता है, इसे दोनों देशों के रणनीतिक संबंधों के संदर्भ में भी देखा जाएगा। हालांकि भारत ने हमेशा संतुलित विदेश नीति अपनाई है और पश्चिम एशिया के विभिन्न देशों के साथ अपने संबंधों को समान महत्व दिया है।