वर्ल्ड डेस्क। फ्रांस के एवियन में आयोजित जी7 शिखर सम्मेलन के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प की 16 महीने बाद पहली आमने-सामने मुलाकात हुई। दोनों नेताओं ने गर्मजोशी से हाथ मिलाया और कुछ देर बातचीत भी की। अब बुधवार को दोनों नेताओं के बीच द्विपक्षीय बैठक होने जा रही है, जिस पर दुनिया की नजरें टिकी हैं। हाल के महीनों में व्यापार, टैरिफ और क्षेत्रीय सुरक्षा जैसे मुद्दों को लेकर दोनों देशों के बीच कई अहम चर्चाएं हुई हैं। ऐसे में यह मुलाकात भारत-अमेरिका संबंधों के लिहाज से बेहद महत्वपूर्ण मानी जा रही है।
G7 सम्मेलन में दिखी गर्मजोशी
जी7 सम्मेलन में नेताओं के स्वागत के दौरान मोदी और ट्रम्प एक-दूसरे से मिले। दोनों नेताओं के बीच हैंडशेक और संक्षिप्त बातचीत की तस्वीरें सामने आई हैं। प्रधानमंत्री मोदी फ्रांस पहुंचे हैं जहां वह जी7 देशों के नेताओं के साथ वैश्विक चुनौतियों और अंतरराष्ट्रीय मुद्दों पर चर्चा कर रहे हैं। उन्होंने एक्स पर पोस्ट कर कहा कि वह विश्व नेताओं के साथ सार्थक बातचीत को लेकर उत्साहित हैं।
16 महीने बाद हुई आमने-सामने मुलाकात
मोदी और ट्रम्प की पिछली प्रत्यक्ष मुलाकात फरवरी 2025 में वाशिंगटन डीसी के व्हाइट हाउस में हुई थी। यह ट्रम्प के दूसरे कार्यकाल की शुरुआत के बाद की पहली बैठक थी। इसके बाद दोनों नेताओं के बीच संपर्क बना रहा, लेकिन आमने-सामने मुलाकात नहीं हुई। ऐसे में एवियन में हुई यह मुलाकात दोनों देशों के रिश्तों में नई ऊर्जा भरने वाली मानी जा रही है।
रिश्तों में आए थे कुछ तनाव
पिछले एक साल के दौरान भारत-अमेरिका संबंधों में कुछ चुनौतियां भी सामने आई थीं। ट्रम्प प्रशासन की ओर से भारतीय उत्पादों पर अतिरिक्त टैरिफ लगाए गए थे। वहीं भारत-पाकिस्तान तनाव को लेकर ट्रम्प के कुछ बयानों ने भी नई दिल्ली में चर्चा पैदा की थी। हालांकि हाल के महीनों में दोनों देशों ने रणनीतिक साझेदारी को मजबूत करने की दिशा में फिर से प्रयास तेज किए हैं।
रुबियो की यात्रा के बाद बढ़ी सक्रियता
पिछले महीने अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो की भारत यात्रा को रिश्तों में नई शुरुआत के तौर पर देखा गया। रुबियो ने प्रधानमंत्री मोदी से मुलाकात के दौरान राष्ट्रपति ट्रम्प की ओर से उन्हें निकट भविष्य में व्हाइट हाउस आने का निमंत्रण भी दिया था। अमेरिका लगातार भारत को इंडो-पैसिफिक क्षेत्र में अपनी रणनीति का अहम साझेदार बता रहा है।
आज की बैठक पर दुनिया की नजर
बुधवार को होने वाली द्विपक्षीय बैठक में व्यापार, रक्षा सहयोग, तकनीक, इंडो-पैसिफिक रणनीति और वैश्विक सुरक्षा जैसे मुद्दों पर चर्चा होने की संभावना है। जी7 सम्मेलन के बीच होने वाली यह वार्ता ऐसे समय हो रही है जब दुनिया कई भू-राजनीतिक चुनौतियों का सामना कर रही है। कूटनीतिक हलकों का मानना है कि इस बैठक के नतीजे आने वाले समय में भारत-अमेरिका संबंधों की दिशा तय करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं।
