नई दिल्ली: देश में एथेनॉल मिश्रित पेट्रोल (E20) को लेकर पहली बार बड़े स्तर पर सड़क पर विरोध प्रदर्शन की तैयारी हो गई है। उद्योगपति और टीवी पर्सनैलिटी तेहसीन पूनावाला ने रविवार को दिल्ली के जंतर मंतर पर प्रदर्शन का ऐलान किया है। उनका कहना है कि यह किसी राजनीतिक दल का आंदोलन नहीं, बल्कि उन वाहन मालिकों की आवाज है जो E20 पेट्रोल से अपनी गाड़ियों की माइलेज घटने और इंजन पर असर पड़ने का दावा कर रहे हैं। प्रदर्शन को लेकर दिल्ली पुलिस से अनुमति मांगी गई है। अनुमति नहीं मिलने पर उन्होंने केंद्रीय सड़क परिवहन मंत्री नितिन गडकरी के आवास के बाहर शांतिपूर्ण धरने का विकल्प भी सामने रखा है।
पहली बार सड़क पर पहुंचेगा E20 का विरोध
अब तक एथेनॉल मिश्रित पेट्रोल को लेकर विरोध मुख्य रूप से सोशल मीडिया, ऑटोमोबाइल मंचों और उपभोक्ता समूहों तक सीमित था। लेकिन अब यह मुद्दा पहली बार सड़क पर उतरने जा रहा है। पूनावाला ने दावा किया कि हजारों लोग इस प्रदर्शन में शामिल हो सकते हैं। उन्होंने कहा कि आंदोलन पूरी तरह आम नागरिकों द्वारा चलाया जा रहा है और इसमें किसी राजनीतिक दल की भूमिका नहीं है। उनके अनुसार, लोग अपनी गाड़ियों के प्रदर्शन को लेकर परेशान हैं और सरकार से जवाब चाहते हैं। उनका कहना है कि इस मुद्दे पर लोगों का समर्थन लगातार बढ़ रहा है।
अनुमति नहीं मिली तो गडकरी आवास के बाहर धरना
तेहसीन पूनावाला ने कहा कि प्रदर्शन के लिए दिल्ली पुलिस से अनुमति मांगी गई है, लेकिन अब तक कोई स्पष्ट जवाब नहीं मिला है। उन्होंने हल्के अंदाज में कहा कि अगर जंतर मंतर पर अनुमति नहीं मिली तो कुछ प्रदर्शनकारी केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी के घर के बाहर बैठ सकते हैं। हालांकि उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि अंतिम फैसला प्रदर्शन में शामिल लोग मिलकर करेंगे। उनका कहना है कि लोकतंत्र में शांतिपूर्ण विरोध हर नागरिक का अधिकार है और प्रशासन को इसकी अनुमति देनी चाहिए।
प्रदर्शनकारियों की तीन प्रमुख मांगें
आंदोलन के आयोजकों ने सरकार के सामने तीन प्रमुख मांगें रखी हैं। पहली, E20 ब्लेंडिंग से जुड़े सभी तकनीकी अध्ययन और नीति दस्तावेज सार्वजनिक किए जाएं। दूसरी, लोगों को एथेनॉल-फ्री पेट्रोल के साथ E5 और E15 जैसे कम ब्लेंड वाले ईंधन का विकल्प भी उपलब्ध कराया जाए। तीसरी, E25 या E30 जैसे अधिक एथेनॉल मिश्रण वाले ईंधन को लागू करने से पहले सभी हितधारकों और उपभोक्ताओं से व्यापक चर्चा की जाए। प्रदर्शनकारी चाहते हैं कि सरकार जल्दबाजी में आगे की ब्लेंडिंग नीति लागू न करे।
सरकार का दावा, नुकसान बेहद मामूली
केंद्र सरकार लगातार E20 नीति का बचाव कर रही है। पेट्रोलियम मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने हाल ही में कहा कि E20 से माइलेज में आने वाली कमी बहुत मामूली है। उन्होंने यह भी कहा कि एथेनॉल मिश्रण से इंजन की नॉकिंग कम होती है और वाहन का एक्सिलरेशन बेहतर होता है। सरकार का कहना है कि यह नीति कच्चे तेल के आयात को कम करने, प्रदूषण घटाने और किसानों की आय बढ़ाने के उद्देश्य से लागू की गई है। सरकार के अनुसार ऑटोमोबाइल कंपनियां भी E20 अनुकूल वाहन बाजार में ला चुकी हैं।
विपक्ष और वाहन मालिक भी उठा रहे सवाल
E20 नीति को लेकर विपक्ष भी सरकार पर हमलावर है। आम आदमी पार्टी के प्रमुख अरविंद केजरीवाल ने आरोप लगाया कि देशभर के वाहन मालिकों पर बिना पर्याप्त परीक्षण के यह व्यवस्था लागू कर दी गई। कांग्रेस नेता पवन खेड़ा ने भी सरकार से पूछा कि किसानों को इस नीति से कितना वास्तविक लाभ मिला है और उसका पूरा आंकड़ा सार्वजनिक किया जाए। दूसरी ओर कई वाहन मालिक सोशल मीडिया पर माइलेज घटने और इंजन में दिक्कत आने के वीडियो साझा कर रहे हैं। हालांकि सरकार इन दावों को तकनीकी आधार पर खारिज करती रही है।
ऑनलाइन बहस से सड़क तक पहुंचा विवाद
E20 को लेकर विवाद अब डिजिटल मंचों से निकलकर सार्वजनिक आंदोलन का रूप लेता दिखाई दे रहा है। रविवार को प्रस्तावित प्रदर्शन इस मुद्दे पर पहला बड़ा संगठित विरोध माना जा रहा है। अब सबकी नजर इस बात पर होगी कि दिल्ली पुलिस प्रदर्शन की अनुमति देती है या नहीं और सरकार प्रदर्शनकारियों की मांगों पर क्या रुख अपनाती है। यदि यह आंदोलन बड़ा रूप लेता है तो एथेनॉल ब्लेंडिंग नीति पर सार्वजनिक बहस और तेज हो सकती है, जबकि सरकार इसे ऊर्जा सुरक्षा और किसानों के हित से जुड़ा बड़ा सुधार बता रही है।
E20 प्रोटेस्ट: पूनावाला ने सरकार से मांगे तीन जवाब; एथेनॉल-फ्री पेट्रोल का विकल्प देने की मांग
E20 Petrol Protest
