अयोध्या राम मंदिर में दान राशि के कथित गबन मामले ने कानूनी रूप ले लिया है। ट्रस्ट की शिकायत पर FIR दर्ज हुई है, जबकि SIT जांच के बीच विपक्ष लगातार बड़े आरोप लगा रहा है।
अयोध्या के राम मंदिर में श्रद्धालुओं के दान के कथित गबन मामले में बड़ा घटनाक्रम सामने आया है। श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की शिकायत पर FIR दर्ज कर ली गई है। यह कार्रवाई उस समय हुई है जब उत्तर प्रदेश सरकार की स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (SIT) पहले से ही मामले की जांच कर रही है। दान राशि में करोड़ों रुपये की कथित हेराफेरी के आरोपों ने सियासी और कानूनी दोनों स्तरों पर विवाद को और गहरा कर दिया है।
ट्रस्ट की शिकायत पर दर्ज हुआ मामला
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक FIR में अनुकल्प मिश्रा, लवकुश मिश्रा, अविनाश शुक्ला, टिन्नू यादव, मनीष यादव समेत अन्य लोगों के नाम शामिल किए गए हैं। मामला भारतीय न्याय संहिता (BNS) की विभिन्न धाराओं के तहत दर्ज किया गया है। इनमें कर्मचारी द्वारा चोरी, आपराधिक विश्वासघात, चोरी की संपत्ति प्राप्त करना और आपराधिक साजिश जैसी धाराएं शामिल हैं।
SIT पहले से कर रही है जांच
दान राशि में कथित गड़बड़ी के आरोप सामने आने के बाद उत्तर प्रदेश सरकार ने SIT का गठन किया था। बताया जा रहा है कि यह कदम मंदिर ट्रस्ट की सिफारिश पर उठाया गया था। जांच से जुड़े सूत्रों के अनुसार SIT ने अपनी प्रारंभिक रिपोर्ट में कुछ “कड़े और सख्त” सुझाव भी दिए हैं। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ भी इस मामले को लेकर गंभीर बताए जा रहे हैं।
कैसे शुरू हुआ पूरा विवाद?
विवाद तब शुरू हुआ जब समाजवादी पार्टी के एक विधायक ने दावा किया कि राम मंदिर में श्रद्धालुओं द्वारा चढ़ाए गए करीब 7 से 7.5 करोड़ रुपये गायब हो गए हैं। इसके बाद कई विपक्षी नेताओं ने भी इस मुद्दे को उठाया। आरोपों के बाद मंदिर फंड के प्रबंधन को लेकर सवाल खड़े होने लगे और मामला तेजी से राजनीतिक बहस का विषय बन गया।
हाईकोर्ट से सुप्रीम कोर्ट तक पहुंचा मामला
12 जून को अधिवक्ता मोहित अशोक ने इस मामले को लेकर जनहित याचिका (PIL) दाखिल की थी। याचिका में आरोपों की स्वतंत्र जांच की मांग की गई थी। अब सुप्रीम कोर्ट में भी एक नई याचिका दाखिल की गई है, जिसमें अदालत की निगरानी में जांच और CBI जांच की मांग की गई है। इससे मामला और अधिक संवेदनशील हो गया है।
केजरीवाल के आरोपों से बढ़ा विवाद
पूर्व दिल्ली मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने मामले को लेकर कई गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने दावा किया कि भगवान राम को चढ़ाई गई खड़ाऊं, गहने, मालाएं और दीपक तक गायब कर दिए गए। केजरीवाल ने यह भी आरोप लगाया कि श्रद्धालुओं द्वारा चढ़ाए गए हीरे-जवाहरात, करीब 200 करोड़ रुपये नकद और लगभग 200 किलोग्राम चांदी भी चोरी हो गई है। हालांकि इन आरोपों की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।
AAP और कांग्रेस ने भी साधा निशाना
आम आदमी पार्टी के सांसद संजय सिंह SIT के सामने पेश हुए और उन्होंने दावा किया कि उन्होंने भ्रष्टाचार से जुड़े दस्तावेज जांच एजेंसी को सौंपे हैं। वहीं उत्तर प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय ने भी भाजपा सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि दान विवाद को लेकर लोगों में नाराजगी बढ़ रही है।
अब आगे क्या?
FIR दर्ज होने के बाद जांच का दायरा और बढ़ गया है। SIT की रिपोर्ट, सुप्रीम कोर्ट में दाखिल याचिका और राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप के बीच अब सबकी नजर इस बात पर है कि जांच एजेंसियां किन निष्कर्षों पर पहुंचती हैं। फिलहाल ट्रस्ट की शिकायत पर दर्ज FIR ने इस पूरे विवाद को नए चरण में पहुंचा दिया है।
