कुणाल घोष पर अंडे फेंके गए: ममता बनर्जी के घर के बाहर मीडिया से बात कर रहे थे; बोले- यह सुनियोजित गुंडागर्दी

Kunal Ghosh Kunal Ghosh

न्यूज डेस्क। पश्चिम बंगाल की सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस के विधायक और पार्टी प्रवक्ता कुणाल घोष पर सोमवार शाम को कोलकाता में हमला हुआ। घटना उस समय हुई जब वह पार्टी प्रमुख और मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के कालीघाट स्थित आवास से बाहर निकलने के बाद मीडिया से बातचीत कर रहे थे। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक शाम करीब 6:30 बजे एक युवक अचानक उनके बेहद करीब पहुंचा और उन पर अंडा फेंक दिया। कुणाल घोष ने बचने की कोशिश की, लेकिन अंडा उनके सिर पर लगकर फूट गया। घटना के बाद मौके पर कुछ देर के लिए हंगामे की स्थिति बन गई।

हमलावर ने खुद बताई वजह
अंडा फेंकने वाले युवक की पहचान चंदन के रूप में हुई है। घटना के बाद उसने मीडिया के सामने अपने कदम को सही ठहराने की कोशिश की। उसने आरोप लगाया कि कुणाल घोष ने कई गलत काम किए हैं और इसी वजह से वह इस विरोध के हकदार थे। युवक ने कहा कि जो कुछ किया गया, वह उसके हिसाब से सही था। हालांकि उसने किसी विशेष मामले या आरोप का खुलासा नहीं किया और बयान देने के बाद वहां से चला गया।

कुणाल घोष ने इसे बताया सुनियोजित हमला
घटना के बाद कुणाल घोष ने तीखी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने इसे पूर्व नियोजित गुंडागर्दी करार देते हुए कहा कि हमला अचानक नहीं था। घोष ने कहा कि वह निहत्थे खड़े होकर पत्रकारों के सवालों का जवाब दे रहे थे और दो युवक उनके बिल्कुल पास मौजूद थे। इसी दौरान उनमें से एक ने अंडा फेंका और भाग गया। उन्होंने सवाल उठाया कि वहां मौजूद किसी व्यक्ति ने विरोध क्यों नहीं किया और किसी ने हमलावर को पकड़ने की कोशिश क्यों नहीं की।

सुरक्षा व्यवस्था पर भी उठाए सवाल
तृणमूल नेता ने घटना के बाद सुरक्षा व्यवस्था पर भी गंभीर सवाल खड़े किए। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को जेड श्रेणी की सुरक्षा मिली हुई है और यह घटना उनके आवास से महज 10 मीटर की दूरी पर हुई। ऐसे में सुरक्षा कर्मी कहां थे और उन्होंने कार्रवाई क्यों नहीं की। घोष ने कहा कि अगर मुख्यमंत्री के घर के इतने करीब ऐसी घटना हो सकती है तो सुरक्षा व्यवस्था की स्थिति पर सवाल उठना स्वाभाविक है।

आरोपों पर कुणाल घोष का जवाब
हमलावर द्वारा लगाए गए आरोपों पर प्रतिक्रिया देते हुए कुणाल घोष ने कहा कि आखिर अत्याचार किसने किया है। उन्होंने कहा कि न तो उन्होंने और न ही ममता बनर्जी ने ऐसा कुछ किया है, फिर उन्हें क्यों निशाना बनाया गया। घोष ने कहा कि बिना किसी आधार के इस तरह के आरोप लगाकर हमला करना लोकतांत्रिक व्यवस्था के खिलाफ है। उन्होंने इसे राजनीतिक नफरत का नतीजा बताया।

बोले- इससे डरने वाला नहीं हूं
घटना के बाद भी कुणाल घोष ने साफ कहा कि वह इस तरह की हरकतों से डरने वाले नहीं हैं। उन्होंने कहा कि एक अंडा फेंक देने या ऐसी किसी घटना से उनके राजनीतिक कामकाज और सार्वजनिक जीवन पर कोई असर नहीं पड़ेगा। देर शाम तक इस मामले में पुलिस शिकायत दर्ज होने या आरोपी के खिलाफ किसी कार्रवाई की आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आई थी। हालांकि घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गया।

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