चेन्नई। दक्षिण रेलवे के चेन्नई मंडल ने पर्यावरण संरक्षण और ग्रीन एनर्जी मिशन को मजबूत करने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है। वित्त वर्ष 2025-26 के दौरान मंडल ने कई नए सौर ऊर्जा संयंत्र शुरू किए हैं। रेलवे प्रशासन के मुताबिक सेंट थॉमस माउंट रेलवे स्टेशन, आवडी स्थित जोनल इलेक्ट्रिक ट्रैक्शन ट्रेनिंग सेंटर, जेटीटीसी पुरुष छात्रावास और गिंडी रेलवे स्टेशन पर कुल 140 केडब्ल्यूपी क्षमता वाले नए सोलर प्लांट लगाए गए हैं। इन परियोजनाओं से हर साल करीब 2.04 लाख यूनिट ग्रीन एनर्जी उत्पादन होने का अनुमान है। रेलवे इसे ऊर्जा बचत और कार्बन उत्सर्जन कम करने की दिशा में अहम पहल मान रहा है।
1.43 करोड़ रुपये की बचत
रेलवे अधिकारियों के अनुसार चेन्नई मंडल की कुल स्थापित सौर ऊर्जा क्षमता अब बढ़कर 2494.5 केडब्ल्यूपी हो गई है। वित्त वर्ष 2025-26 के दौरान मंडल ने 23.15 लाख यूनिट सौर ऊर्जा का उत्पादन किया, जिससे लगभग 1.43 करोड़ रुपये की बचत हुई। रेलवे प्रशासन का कहना है कि सौर ऊर्जा के बढ़ते इस्तेमाल से पारंपरिक बिजली स्रोतों पर निर्भरता कम हो रही है। इसके साथ ही ऊर्जा संरक्षण और पर्यावरण संतुलन को भी मजबूती मिल रही है। मंडल लगातार रेलवे परिसरों में हरित ऊर्जा के उपयोग को बढ़ाने की दिशा में काम कर रहा है।

कई स्टेशनों पर सोलर सिस्टम
दक्षिण रेलवे ने चेन्नई सेंट्रल न्यू कॉनकोर्स हॉल, मूर मार्केट कॉम्प्लेक्स, तांबरम, चेंगलपट्टू, मेलमरुवथुर, कांचीपुरम, कटपडी, तिरुवोत्तियूर, अरक्कोनम, रॉयापुरम, जोलारपेट्टई, गुम्मिडीपुंडी, तिरुवल्लूर और तिरुत्तनी समेत कई रेलवे स्टेशनों और परिसरों में सोलर सिस्टम लगाए हैं। इसके अलावा प्लेटफॉर्म शेल्टर, रनिंग रूम, कार्यालय भवन और ट्रेनिंग सेंटरों में भी सोलर इंफ्रास्ट्रक्चर विकसित किया गया है। रेलवे का कहना है कि इससे बिजली खपत में कमी आने के साथ स्वच्छ ऊर्जा के इस्तेमाल को बढ़ावा मिला है।
हाइब्रिड सिस्टम और नया लक्ष्य
मंडल कार्यालय, मूर मार्केट कॉम्प्लेक्स और लाइट हाउस स्टेशन पर 500 वाट पवन चक्की और 1000 वाट सोलर यूनिट वाले हाइब्रिड रिन्यूएबल सिस्टम भी संचालित किए जा रहे हैं। चेन्नई मंडल ने वित्त वर्ष 2026-27 में 2600 केडब्ल्यूपी अतिरिक्त सौर ऊर्जा क्षमता स्थापित करने का लक्ष्य तय किया है। रेलवे प्रशासन का कहना है कि आने वाले समय में और अधिक रेलवे परिसरों को सौर ऊर्जा आधारित बनाया जाएगा। अधिकारियों के अनुसार भारतीय रेलवे के ग्रीन एनर्जी मिशन को आगे बढ़ाने के लिए टिकाऊ विकास और ऊर्जा दक्षता पर विशेष फोकस रखा जा रहा है।
