नेशनल डेस्क। आम आदमी पार्टी (आप) के राष्ट्रीय संयोजक और दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने केंद्र सरकार से केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को हटाकर सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक को देश का नया शिक्षा मंत्री बनाने की मांग की है। केजरीवाल ने यह बयान जंतर-मंतर पर सोनम वांगचुक से मुलाकात के दौरान दिया, जहां वह नीट समेत राष्ट्रीय परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं और पेपर लीक के विरोध में अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल पर बैठे हैं।
जंतर-मंतर पहुंचकर सरकार पर साधा निशाना
अरविंद केजरीवाल ने जंतर-मंतर पर प्रदर्शनकारी छात्रों और सोनम वांगचुक से मुलाकात की। इसके बाद उन्होंने सोशल मीडिया पर लिखा कि धर्मेंद्र प्रधान को हटाकर सोनम वांगचुक को देश का शिक्षा मंत्री बनाया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि शिक्षा व्यवस्था को सुधारने के लिए ईमानदार और छात्रों की समस्याओं को समझने वाला नेतृत्व जरूरी है।
हर साल पेपर लीक से युवा हो रहे परेशान
केजरीवाल ने कहा कि देश में लगभग हर साल किसी न किसी प्रतियोगी परीक्षा का पेपर लीक हो जाता है और इसकी सबसे बड़ी कीमत छात्रों को चुकानी पड़ती है। उन्होंने केंद्र सरकार से छात्रों की आवाज सुनने और परीक्षा प्रणाली को पारदर्शी बनाने की दिशा में ठोस कदम उठाने की अपील की।
अन्ना आंदोलन की दिलाई याद
जंतर-मंतर पहुंचने पर केजरीवाल ने वर्ष 2011 के अन्ना हजारे आंदोलन को याद किया। उन्होंने कहा कि 4 अप्रैल 2011 को भी इसी स्थान से भ्रष्टाचार के खिलाफ बड़ा आंदोलन शुरू हुआ था। उस समय सरकार ने जनता की आवाज नहीं सुनी और तीन साल बाद सत्ता से बाहर हो गई। उन्होंने कहा कि किसी भी सरकार को अहंकार छोड़कर लोगों की बात सुननी चाहिए।
19 दिन से अनशन पर हैं सोनम वांगचुक
सोनम वांगचुक 28 जून से अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल पर हैं। उनका आंदोलन राष्ट्रीय परीक्षाओं में कथित गड़बड़ियों और शिक्षा व्यवस्था में सुधार की मांग को लेकर चल रहा है। डॉक्टरों के अनुसार अब तक उनका वजन 9 किलोग्राम से अधिक घट चुका है और स्वास्थ्य पर लगातार निगरानी रखी जा रही है। आंदोलनकारी 20 जुलाई को संसद तक मार्च निकालने की भी तैयारी कर रहे हैं।
सुप्रीम कोर्ट बार एसोसिएशन ने की अनशन खत्म करने की अपील
सुप्रीम कोर्ट बार एसोसिएशन (एससीबीए) ने सोनम वांगचुक से भूख हड़ताल समाप्त करने की अपील की है। एससीबीए अध्यक्ष विकास सिंह ने जंतर-मंतर पहुंचकर उन्हें पत्र सौंपा और कहा कि देश को उनकी जरूरत जीवित और सक्रिय नेतृत्वकर्ता के रूप में है। वहीं दिल्ली हाईकोर्ट ने भी प्रशासन को वांगचुक के स्वास्थ्य की प्रतिदिन निगरानी करने और जरूरत पड़ने पर तत्काल चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं।
