मालीगांव। रेलवे बोर्ड के सदस्य (ट्रैक्शन एवं रोलिंग स्टॉक) आर. राजगोपाल ने 10 मई को पूर्वोत्तर सीमांत रेलवे के अंतर्गत कामाख्या कोचिंग डिपो का व्यापक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने रोलिंग स्टॉक रखरखाव, क्रू कल्याण, संरक्षा उपायों और आधुनिक तकनीक आधारित निगरानी प्रणालियों की समीक्षा की। इस दौरान एनएफआर के महाप्रबंधक चेतन कुमार श्रीवास्तव समेत कई वरिष्ठ रेलवे अधिकारी मौजूद रहे। रेलवे बोर्ड सदस्य ने विशेष रूप से वंदे भारत स्लीपर और प्रीमियम ट्रेनों से जुड़े रखरखाव मानकों पर जोर दिया और संचालन को और अधिक सुरक्षित एवं आधुनिक बनाने के निर्देश दिए।
क्रू सुविधाओं की समीक्षा
निरीक्षण के दौरान आर. राजगोपाल ने कामाख्या स्थित रनिंग रूम और क्रू लॉबी का दौरा किया। यहां उन्होंने वंदे भारत स्लीपर और अन्य प्रीमियम ट्रेनों के कर्मचारियों को दी जा रही सुविधाओं का जायजा लिया। क्रू सदस्यों के विश्राम, आराम और परिचालन तत्परता से जुड़े मानकों की विस्तार से समीक्षा की गई। रेलवे बोर्ड सदस्य ने कहा कि रेल कर्मचारियों की कार्यक्षमता और सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए बेहतर सुविधाएं बेहद जरूरी हैं। अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि कर्मचारियों के लिए आधुनिक और आरामदायक व्यवस्था लगातार बेहतर की जाए।

वंदे भारत रेक और संरक्षा पर फोकस
कामाख्या कोच मेनटेनेंस डिपो में रेलवे बोर्ड सदस्य ने भारत के पहले वंदे भारत रेक का निरीक्षण किया। उन्होंने पिट लाइन पर चल रही मेंटेनेंस और सुरक्षा प्रक्रियाओं की समीक्षा की। रोलिंग स्टॉक की निगरानी के लिए अपनाए जा रहे नए तकनीकी उपायों का भी अवलोकन किया गया। अधिकारियों ने उन्हें बताया कि लामडिंग मंडल में आधुनिक तकनीक आधारित ट्रैक और रोलिंग स्टॉक मॉनिटरिंग सिस्टम विकसित किए जा रहे हैं। इन प्रणालियों का उद्देश्य पूर्वानुमानित रखरखाव, परिचालन सुरक्षा और दक्षता को बढ़ाना है।

कर्मचारियों से संवाद और सुझाव
निरीक्षण के दौरान आर. राजगोपाल ने कर्मचारियों और अधिकारियों से बातचीत भी की। उन्होंने रेलवे कर्मचारियों के समर्पण और संरक्षा उपायों के प्रति जागरूकता की सराहना की। वंदे भारत स्लीपर कोचों की गुणवत्ता और रखरखाव मानकों की समीक्षा करते हुए उन्होंने कई सुझाव दिए। उन्होंने कहा कि रेलवे परिचालन में निरंतर नवाचार, टीम वर्क और सुरक्षा के प्रति सजगता बेहद जरूरी है। एनएफआर अधिकारियों ने भरोसा दिलाया कि रेलवे में आधुनिक तकनीक और सर्वोत्तम परिचालन पद्धतियों को तेजी से लागू किया जाएगा।
