राम मंदिर दान घोटाला: चंपत राय को अयोध्या छोड़ने का अल्टीमेटम; आरोपियों का केस नहीं लड़ेंगे वकील

Ayodhya Ram Mandir donation row Ayodhya Ram Mandir donation row

नेशनल डेस्क. राम मंदिर में श्रद्धालुओं के दान के कथित गबन मामले ने नया मोड़ ले लिया है। फैजाबाद बार एसोसिएशन ने सोमवार को बड़ा फैसला लेते हुए कहा कि उसके कोई भी सदस्य इस मामले में गिरफ्तार आठ आरोपियों की पैरवी नहीं करेंगे। इसके साथ ही राम मंदिर प्रबंधन से जुड़े चंपत राय, अनिल मिश्रा और गोपाल राव से तीन दिन के भीतर अयोध्या छोड़ने को कहा गया है। एसोसिएशन ने चेतावनी दी कि समयसीमा पूरी होने के बाद शहर में विरोध प्रदर्शन और नाकाबंदी की जाएगी।

वकीलों का आरोपियों के बहिष्कार का फैसला
बार एसोसिएशन की आम सभा में सर्वसम्मति से प्रस्ताव पारित किया गया। अध्यक्ष कालिका प्रसाद मिश्रा ने कहा कि यदि कोई वकील आरोपियों की ओर से अदालत में पेश होना चाहता है तो उसे पहले बार एसोसिएशन से अनुमति लेनी होगी और प्रत्येक आरोपी के लिए 5 लाख रुपये जमा करने होंगे। यह राशि मामले की पैरवी और अभियोजन प्रक्रिया में खर्च की जाएगी। एसोसिएशन का कहना है कि श्रद्धालुओं के चढावे के कथित गबन से वकीलों की भावनाएं भी आहत हुई हैं।

चंपत राय समेत तीन लोगों पर एफआईआर की मांग
हालांकि चंपत राय, अनिल मिश्रा और गोपाल राव का नाम एफआईआर में शामिल नहीं है, फिर भी बार एसोसिएशन ने इनके खिलाफ भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (बीएनएसएस) की धारा 156(3) के तहत एफआईआर दर्ज कराने का फैसला लिया है। एसोसिएशन पहले पुलिस से शिकायत करेगा और कार्रवाई नहीं होने पर अदालत का दरवाजा खटखटाएगा। साथ ही पूरे मामले की सीबीआई जांच कराने के लिए इलाहाबाद हाईकोर्ट और जरूरत पड़ने पर सुप्रीम कोर्ट जाने की भी तैयारी है।

आठ आरोपी न्यायिक हिरासत में, घरों पर हुई छापेमारी
मामले में गिरफ्तार आठ आरोपी अविनाश शुक्ला, अनुकल्प मिश्रा, लव कुश मिश्रा, मनीष कुमार यादव, करुणेश पांडेय, राम शंकर मिश्रा, सुभाष श्रीवास्तव और रामाशंकर उर्फ टिन्नू यादव मंदिर में आने वाले नकद दान और कीमती सामान की गिनती से जुड़े थे। सभी को 29 जून तक न्यायिक हिरासत में भेजा गया था। रविवार को पुलिस ने सभी आरोपियों के घरों पर छापेमारी कर जांच से जुड़े सबूत जुटाए।

मंदिर प्रबंधन पर बढ़ा दबाव
बार एसोसिएशन के फैसले के बाद राम मंदिर प्रबंधन पर दबाव और बढ़ गया है। चंपत राय और अनिल मिश्रा की ओर से इस मामले पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है। हालांकि अनिल मिश्रा के बेटे रवि मिश्रा ने अपने पिता का बचाव करते हुए कहा कि उन्होंने राम मंदिर के लिए पूरी निष्ठा से काम किया है और उन पर लगाए जा रहे आरोप गलत हैं। वहीं सोमवार सुबह राम मंदिर के मुख्य प्रवेश द्वार के बाहर मीडिया कवरेज पर भी रोक लगा दी गई, जिसे पुलिस ने प्रशासनिक आदेश का हवाला देते हुए लागू कराया।