नेशनल डेस्क. चंबल के सबसे कुख्यात डकैतों में गिने जाने वाले जगन गुर्जर की राजस्थान की अजमेर हाई सिक्योरिटी जेल में संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। सोमवार को बैरक के अंदर उसका शव मिलने के बाद जेल प्रशासन और पुलिस में हड़कंप मच गया। शुरुआती जांच में पुलिस हत्या की आशंका जता रही है। अधिकारियों के मुताबिक घटना उस समय हुई, जब जेल नियमों के अनुसार सभी कैदी अपनी-अपनी बैरकों में बंद थे। मामले की गहन जांच शुरू कर दी गई है।
1994 में अपराध की दुनिया में रखा था कदम
धौलपुर जिले का रहने वाला जगन गुर्जर 1994 में अपराध की दुनिया में आया था। 2001 में पहली बार उसकी गिरफ्तारी हुई, लेकिन इसके बाद वह कई मामलों में जमानत पर बाहर आता रहा और फिर अलग-अलग मामलों में दोबारा गिरफ्तार होता रहा। राजस्थान, उत्तर प्रदेश और मध्य प्रदेश में उसके खिलाफ करीब 100 आपराधिक मामले दर्ज थे। इनमें हत्या, डकैती, लूट, रंगदारी, अपहरण और आर्म्स एक्ट जैसे गंभीर आरोप शामिल थे। चंबल के बीहड़ों में उसका लंबे समय तक दबदबा रहा।
11 लाख का इनामी, 2008 आंदोलन में आया था चर्चा में
जगन गुर्जर 2008 के गुर्जर आरक्षण आंदोलन के दौरान राष्ट्रीय स्तर पर चर्चा में आया था। उस पर तत्कालीन मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे के धौलपुर स्थित महल को उड़ाने की धमकी देने का आरोप लगा था। उसकी गिरफ्तारी के लिए पुलिस ने एक समय 11 लाख रुपए का इनाम घोषित किया था, जिससे वह चंबल क्षेत्र के सबसे वांछित डकैतों में शामिल हो गया। वर्षों तक फरार रहने के बाद उसने 19 अगस्त 2018 को तत्कालीन आईजी मालिनी अग्रवाल के सामने बयाना में आत्मसमर्पण कर दिया था।
जेल में मिला शव, हत्या की आशंका
पुलिस के अनुसार, सोमवार को सुबह 11 बजे से दोपहर 3 बजे के बीच सभी कैदी बैरकों में बंद थे। बैरक खुलने के बाद नियमित निरीक्षण के दौरान जगन गुर्जर मृत मिला। जांचकर्ताओं का मानना है कि उसकी हत्या बैरक के अंदर ही की गई हो सकती है। घटना के समय उसके साथ बैरक में कुलदीप जघीना हत्याकांड का आरोपी विष्णु भी मौजूद था। पुलिस ने उससे पूछताछ शुरू कर दी है और जेल के अन्य कैदियों से भी जानकारी जुटाई जा रही है।
जांच में जुटी पुलिस, कई पहलुओं पर फोकस
पुलिस और जेल प्रशासन यह पता लगाने में जुटे हैं कि हाई सिक्योरिटी जेल के भीतर आखिर वारदात कैसे हुई। बैरक की सुरक्षा व्यवस्था, जेल कर्मियों की ड्यूटी और कैदियों की गतिविधियों की जांच की जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट और फोरेंसिक जांच के बाद मौत के सही कारणों का पता चलेगा। फिलहाल संदिग्ध मौत का मामला दर्ज कर सभी पहलुओं से जांच जारी है।
