चंडीगढ़। हरियाणा के फरीदाबाद में जेवर एक्सप्रेसवे से जुड़े फ्लाइओवर निर्माण स्थल पर गुरुवार दोपहर बड़ा हादसा हो गया। निर्माण कार्य में इस्तेमाल की जा रही एक विशाल गैंट्री क्रेन अचानक संतुलन खो बैठी और नीचे बने कंटेनरों पर गिर गई। हादसे के समय कई मजदूर और साइट कर्मचारी आसपास मौजूद थे। देखते ही देखते पूरा इलाका धूल और मलबे से भर गया। शुरुआती जानकारी के मुताबिक कम से कम 3 मजदूरों की मौत हो गई है, जबकि एक मजदूर गंभीर रूप से घायल हुआ है। अधिकारियों को आशंका है कि कुछ अन्य लोग भी भारी ढांचे के नीचे दबे हो सकते हैं।
पन्हेरा खुर्द गांव के पास दोपहर में हुआ हादसा
यह दुर्घटना फरीदाबाद के छैसा थाना क्षेत्र के अंतर्गत पन्हेरा खुर्द गांव के पास हुई। पुलिस अधिकारियों के मुताबिक हादसा दोपहर करीब 1:30 बजे से 2 बजे के बीच हुआ। घटना की सूचना मिलने के बाद पुलिस, प्रशासन और राहत दल मौके पर पहुंचे। फरीदाबाद पुलिस के जनसंपर्क अधिकारी यशपाल यादव ने बताया कि करीब 3 बजे पुलिस को सूचना मिली, जिसके बाद कटिंग मशीनों और अन्य उपकरणों के साथ बचाव अभियान शुरू किया गया। दुर्घटनास्थल पर भारी भीड़ जमा हो गई थी, जिसे बाद में सुरक्षा कारणों से हटाया गया।
कई टन वजनी ढांचे के नीचे दबे मजदूर, रेस्क्यू में चुनौती
रेस्क्यू टीमों को राहत कार्य में काफी मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है। अधिकारियों के अनुसार क्रेन का गिरा हुआ हिस्सा कई टन वजनी है और उसने कंटेनरों को पूरी तरह दबा दिया है। एक घायल मजदूर को बाहर निकाल लिया गया है, लेकिन उसके दोनों पैरों में गंभीर चोटें आई हैं। उसे तुरंत अस्पताल भेजा गया। राहतकर्मी अब भी स्टील स्ट्रक्चर और कंटेनरों को काटकर अंदर तक पहुंचने की कोशिश कर रहे हैं। प्रशासन का कहना है कि जब तक पूरा मलबा नहीं हटता, तब तक फंसे लोगों की सही संख्या बताना संभव नहीं है।
कंटेनरों में बने थे साइट ऑफिस और आराम करने के कमरे
निर्माण स्थल पर रखे गए शिपिंग कंटेनरों का इस्तेमाल अस्थायी साइट ऑफिस, इंजीनियरों के कार्यस्थल और मजदूरों के विश्राम स्थल के रूप में किया जा रहा था। अधिकारियों के अनुसार हादसे के वक्त कुछ कर्मचारी और मजदूर इन्हीं कंटेनरों में मौजूद थे। क्रेन का सबसे भारी हिस्सा सीधे इसी क्षेत्र पर गिरा, जिससे जान-माल का नुकसान बढ़ गया। प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि तेज आवाज के साथ पूरा ढांचा अचानक नीचे गिरा और लोगों को संभलने का मौका तक नहीं मिला। हादसे के बाद आसपास काम कर रहे मजदूरों में दहशत फैल गई।
सुरक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल, जांच शुरू
हादसे के बाद निर्माण स्थल की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठने लगे हैं। प्रशासन ने तकनीकी जांच के आदेश दे दिए हैं और यह पता लगाया जा रहा है कि क्रेन गिरने की वजह मशीन में खराबी थी, तकनीकी चूक थी या संचालन में कोई लापरवाही हुई। अधिकारियों ने कहा है कि राहत अभियान पूरा होने के बाद विस्तृत जांच रिपोर्ट तैयार की जाएगी। फिलहाल प्रशासन की प्राथमिकता फंसे हुए लोगों को सुरक्षित बाहर निकालना और घायलों को बेहतर इलाज उपलब्ध कराना है। इस बीच स्थानीय प्रशासन ने लोगों से अफवाहों पर ध्यान न देने और आधिकारिक जानकारी का इंतजार करने की अपील की है।
