
मध्य-पूर्व में अमेरिका और ईरान के बीच जारी सैन्य टकराव अब और भी गंभीर होता दिखाई दे रहा है। अमेरिका ने चेतावनी दी है कि वह ईरान के खिलाफ अब तक के सबसे बड़े और तीव्र हमले कर सकता है। अमेरिकी रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ ने कहा कि अगर ईरान ने स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में तेल आपूर्ति को रोकने की कोशिश की तो अमेरिका कड़ा सैन्य जवाब देगा।
रिपोर्ट्स के मुताबिक, पिछले कई दिनों से दोनों देशों के बीच सैन्य गतिविधियां तेज हो गई हैं। अमेरिकी सेना ने दावा किया है कि उसने ईरान के कई सैन्य ठिकानों और नौसैनिक संसाधनों को निशाना बनाया है। वहीं ईरान भी ड्रोन और मिसाइल हमलों के जरिए जवाबी कार्रवाई कर रहा है।
विशेषज्ञों के अनुसार, इस टकराव का सबसे बड़ा कारण स्ट्रेट ऑफ होर्मुज है। यह समुद्री मार्ग दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण तेल व्यापार मार्गों में से एक माना जाता है। दुनिया के कुल तेल परिवहन का लगभग 20 प्रतिशत हिस्सा इसी रास्ते से गुजरता है। ऐसे में अगर यहां से तेल आपूर्ति बाधित होती है तो वैश्विक ऊर्जा बाजार पर इसका बड़ा असर पड़ सकता है।
अमेरिका ने साफ कहा है कि अगर ईरान ने इस समुद्री मार्ग में जहाजों की आवाजाही रोकने या तेल आपूर्ति में बाधा डालने की कोशिश की, तो उसे भारी कीमत चुकानी पड़ेगी। अमेरिकी अधिकारियों के अनुसार, जरूरत पड़ने पर बड़े पैमाने पर सैन्य कार्रवाई की जाएगी।
दूसरी ओर ईरान ने भी संकेत दिया है कि वह अपने हितों की रक्षा के लिए किसी भी कदम से पीछे नहीं हटेगा। इस बीच खाड़ी क्षेत्र के कई देशों में सुरक्षा बढ़ा दी गई है और संभावित हमलों को रोकने के लिए एयर-डिफेंस सिस्टम सक्रिय कर दिए गए हैं।
विश्लेषकों का मानना है कि अगर दोनों देशों के बीच तनाव इसी तरह बढ़ता रहा तो इसका असर न सिर्फ मध्य-पूर्व बल्कि पूरी दुनिया की अर्थव्यवस्था और तेल बाजार पर पड़ सकता है।
