पुणे. महाराष्ट्र के चर्चित लोहागढ़ किला हत्याकांड में मृतक केतन अग्रवाल के पिता ने आरोपियों के लिए फांसी की सजा की मांग की है। उन्होंने कहा कि अगर मंगेतर सिया गोयल किसी और से प्यार करती थी तो शादी से इनकार कर सकती थी। परिवार पर किसी तरह का दबाव नहीं था। लेकिन शादी तोड़ने की बजाय बेटे की हत्या करना समझ से परे है। पुलिस जांच में सामने आया है कि सिया और उसके कथित प्रेमी चेतन चौधरी ने मिलकर केतन को खाई में धक्का देकर मार डाला।
फोन पर घंटों व्यस्त रहती थी सिया
केतन के पिता विशाल अग्रवाल ने बताया कि उनके बेटे को सिया के प्रेम संबंध की जानकारी नहीं थी। हालांकि उसे इतना जरूर लगता था कि कुछ गड़बड़ है क्योंकि सिया का फोन अक्सर घंटों व्यस्त रहता था। जब केतन ने इस बारे में पूछा तो सिया ने कहा कि वह दोस्तों से बात कर रही थी। परिवार को कभी नहीं बताया गया कि वह किसी और के साथ रिश्ते में है।
‘बताती तो शादी रद्द कर देते’
विशाल अग्रवाल ने कहा कि अगर सिया अपने प्रेमी के साथ फोटो या कोई संदेश भी भेज देती तो परिवार खुद शादी रद्द कर देता। उन्होंने कहा कि किसी पर शादी का दबाव नहीं था। नवंबर में होने वाली शादी की तैयारियां दोनों परिवार मिलकर कर रहे थे। ऐसे में हत्या जैसा कदम उठाने की कोई जरूरत नहीं थी।
बहन को व्यवहार पर हुआ शक
पुलिस जांच की शुरुआत केतन की बहन संजना के शक से हुई। पिता के मुताबिक अंतिम संस्कार से पहले संजना ने सिया से कई सामान्य सवाल पूछे कि हादसा कैसे हुआ, केतन खाई के किनारे क्यों गया और घटना कब हुई। लेकिन सिया किसी सवाल का संतोषजनक जवाब नहीं दे सकी। इसके बाद परिवार को उसके व्यवहार पर संदेह हुआ और पुलिस जांच आगे बढ़ी।
पुलिस जांच में सामने आई साजिश
पुलिस के अनुसार सिया गोयल और चेतन चौधरी रिश्ते में थे और दोनों शादी नहीं होने देना चाहते थे। जांच में दावा किया गया है कि 14 जून को भी केतन को खाई में धक्का देने की कोशिश की गई थी, लेकिन वह झाड़ियों का सहारा लेकर बच गया। इसके बाद 18 जून को पुणे के एक कैफे में दोनों ने कथित तौर पर हत्या की योजना बनाई और उसी दिन लोहागढ़ किले पर केतन को खाई में धक्का दे दिया।
परिवार ने मांगी फांसी की सजा
विशाल अग्रवाल ने कहा कि पुलिस को इस पूरे षड्यंत्र की तह तक जाना चाहिए और यह पता लगाना चाहिए कि इसमें और कौन-कौन शामिल था। उन्होंने कहा कि 26 साल के बेटे की एक मामूली वजह से जान ले ली गई। परिवार चाहता है कि सभी दोषियों को फांसी की सजा मिले ताकि भविष्य में कोई ऐसी वारदात करने की हिम्मत न करे।
