नई दिल्ली. भारत ने कराची में हुए आतंकी हमले को लेकर पाकिस्तान के आरोपों को पूरी तरह खारिज कर दिया है। विदेश मंत्रालय ने कहा कि पाकिस्तान बिना किसी सबूत के भारत पर आरोप लगा रहा है। भारत ने साफ कहा कि दूसरों पर उंगली उठाने के बजाय पाकिस्तान को अपने यहां मौजूद आतंकी ढांचे के खिलाफ विश्वसनीय कार्रवाई करनी चाहिए।
कराची हमले पर पाकिस्तान ने लगाया आरोप
शनिवार रात कराची में पाकिस्तान रेंजर्स के मुख्यालय पर आतंकियों ने विस्फोटकों से भरे वाहन से हमला किया। इसके बाद सुरक्षा बलों और आतंकियों के बीच करीब 90 मिनट तक मुठभेड़ चली। इस हमले में तीन पाकिस्तानी सुरक्षाकर्मी और तीन आतंकी मारे गए, जबकि एक अफगान नागरिक को गिरफ्तार किया गया। इस हमले की जिम्मेदारी पाकिस्तानी तालिबान से अलग हुए संगठन जमात-उल-अहरार ने ली है।
भारत ने आरोपों को बताया बेबुनियाद
पाकिस्तान के गृह मंत्री मोहसिन नकवी और सेना ने बिना कोई सबूत पेश किए इस हमले के पीछे भारत समर्थित तत्वों का हाथ होने का दावा किया। इस पर विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा कि भारत इन निराधार आरोपों को स्पष्ट रूप से खारिज करता है। उन्होंने कहा कि पाकिस्तान को अपनी जमीन पर सक्रिय आतंकी ढांचे के खिलाफ कार्रवाई करनी चाहिए।
‘दूसरों पर आरोप लगाने से बचे पाकिस्तान’
रणधीर जायसवाल ने कहा कि पाकिस्तान को दूसरों पर आरोप लगाने के बजाय आत्ममंथन करना चाहिए। उन्होंने कहा कि पाकिस्तान लंबे समय से आतंकवाद को अपनी राज्य नीति के एक साधन के रूप में इस्तेमाल करता रहा है और अब उसे इस प्रवृत्ति से बाहर निकलना होगा। भारत ने दोहराया कि आतंकवाद के खिलाफ ठोस कार्रवाई ही ऐसे मामलों का समाधान है।
हमले के बाद बढ़ा तनाव
पाकिस्तानी सेना ने कहा है कि हमले के जिम्मेदार लोगों के खिलाफ जवाबी कार्रवाई की जाएगी। हाल के महीनों में पाकिस्तान अफगानिस्तान में भी हवाई हमले कर चुका है और दावा करता रहा है कि वहां मौजूद आतंकी संगठन पाकिस्तान में हमलों को अंजाम देते हैं। भारत ने भी याद दिलाया कि इससे पहले भी पाकिस्तान कई आतंकी घटनाओं में बिना सबूत भारत पर आरोप लगाता रहा है।
पहले भी लगा चुका है ऐसे आरोप
भारत ने कहा कि यह पहली बार नहीं है जब पाकिस्तान ने किसी आतंकी हमले के बाद बिना साक्ष्य भारत पर आरोप लगाए हों। नई दिल्ली का कहना है कि इस तरह के आरोप वास्तविक समस्या से ध्यान भटकाने की कोशिश हैं। भारत ने अंतरराष्ट्रीय समुदाय के सामने भी पाकिस्तान से आतंकवाद के खिलाफ ठोस कदम उठाने की मांग दोहराई।
