वर्ल्ड डेस्क।वियतनाम के प्रसिद्ध फु क्वोक द्वीप पर शनिवार को भारतीय पर्यटकों का एक आइलैंड हॉपिंग टूर दर्दनाक हादसे में बदल गया। 32 भारतीय पर्यटकों और चालक दल के चार सदस्यों को लेकर जा रही एक स्पीडबोट खराब मौसम और ऊंची लहरों के बीच पलट गई। हादसे में कम से कम 15 भारतीय पर्यटकों की मौत हो गई, जबकि बाकी यात्रियों को कई घंटे चले राहत अभियान के बाद सुरक्षित बाहर निकाला गया। इस दुर्घटना ने भारत समेत वियतनाम में भी शोक की लहर दौड़ा दी है और स्थानीय प्रशासन हादसे के कारणों की जांच में जुट गया है।
फु क्वोक के पास समुद्र में पलटी स्पीडबोट
वियतनामी मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक यह स्पीडबोट होन मे रुट नगोआई (Hon May Rut Ngoai) द्वीप से एन थोई पोर्ट (An Thoi Port) लौट रही थी। यह इलाका फु क्वोक द्वीप के सबसे लोकप्रिय पर्यटन स्थलों में शामिल है, जहां हर साल हजारों विदेशी पर्यटक स्नॉर्कलिंग, स्कूबा डाइविंग और आइलैंड हॉपिंग के लिए पहुंचते हैं। दोपहर करीब एक बजे स्थानीय समय के अनुसार समुद्र में अचानक मौसम बिगड़ गया। तेज हवाओं और ऊंची लहरों के बीच स्पीडबोट संतुलन खो बैठी और किनारे से लगभग 400 मीटर दूर पलट गई। हादसे के समय नाव में सवार लोग समुद्र में फंस गए।
ऊंची लहरों ने मुश्किल बनाया रेस्क्यू ऑपरेशन
नाव पलटने के बाद कई पर्यटक उलटी नाव के भीतर फंस गए। खराब मौसम और ऊंची लहरों के कारण शुरुआती राहत अभियान काफी प्रभावित हुआ। स्थानीय मछुआरों और आसपास मौजूद अन्य नौकाओं ने सबसे पहले मौके पर पहुंचकर लोगों को बचाने की कोशिश शुरू की। बाद में वियतनाम के बॉर्डर गार्ड्स ने दो विशेष नौकाएं और 35 जवान राहत कार्य में लगाए। कई घंटे तक चले अभियान के बाद सभी 32 यात्रियों का पता लगा लिया गया। प्रशासन ने 15 लोगों की मौत की पुष्टि की, जबकि अन्य यात्रियों को सुरक्षित अस्पताल पहुंचाया गया।
भारतीय दूतावास ने बनाया कंट्रोल रूम
हादसे की सूचना मिलते ही वियतनाम स्थित भारतीय दूतावास सक्रिय हो गया। भारतीय मिशन ने हो ची मिन्ह सिटी और हनोई में अलग-अलग कंट्रोल रूम स्थापित किए ताकि प्रभावित परिवारों को तत्काल जानकारी और सहायता उपलब्ध कराई जा सके। दूतावास ने हेल्पलाइन नंबर भी जारी किए और कहा कि वह स्थानीय प्रशासन के साथ लगातार संपर्क में है। भारतीय अधिकारियों ने हादसे में शामिल सभी 32 भारतीय पर्यटकों की सूची भी जारी की है और मृतकों के शवों को स्वदेश लाने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।
प्रधानमंत्री मोदी ने जताया शोक
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस हादसे पर गहरा दुख व्यक्त किया है। उन्होंने सोशल मीडिया पर संदेश जारी कर मृतकों के परिजनों के प्रति संवेदना व्यक्त की और घायलों के जल्द स्वस्थ होने की कामना की। प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत का दूतावास और वाणिज्य दूतावास वियतनाम के अधिकारियों के साथ लगातार संपर्क में हैं और प्रभावित भारतीयों तथा उनके परिवारों को हरसंभव सहायता उपलब्ध कराई जा रही है। विदेश मंत्रालय भी पूरे घटनाक्रम पर लगातार नजर बनाए हुए है।
तमिलनाडु, आंध्र प्रदेश और केरल में पसरा मातम
इस हादसे का सबसे ज्यादा असर दक्षिण भारत के तीन राज्यों पर पड़ा है। मृतकों में सबसे अधिक 10 लोग तमिलनाडु के बताए गए हैं। मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय ने अधिकारियों को विदेश मंत्रालय और भारतीय दूतावास के साथ समन्वय कर पीड़ित परिवारों की हरसंभव मदद करने के निर्देश दिए हैं। आंध्र प्रदेश के तीन और केरल के दो लोगों की भी इस हादसे में मौत हुई है। आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू और केरल के मुख्यमंत्री वी.डी. सतीशन ने भी अधिकारियों को राहत और समन्वय के निर्देश दिए हैं ताकि मृतकों के पार्थिव शरीर जल्द भारत लाए जा सकें।
हादसे की वजह की जांच जारी
स्पीडबोट संचालित करने वाली कंपनी का कहना है कि चालक को इस समुद्री मार्ग पर वर्षों का अनुभव था और वह लंबे समय से पर्यटकों को सुरक्षित लाता-ले जाता रहा है। इसके बावजूद अचानक हुए इस हादसे ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं। वियतनाम की स्थानीय एजेंसियां मौसम, तकनीकी स्थिति और सुरक्षा मानकों समेत सभी पहलुओं की जांच कर रही हैं। शुरुआती जानकारी में खराब मौसम और ऊंची लहरों को हादसे की प्रमुख वजह माना जा रहा है, लेकिन अंतिम रिपोर्ट आने के बाद ही दुर्घटना के वास्तविक कारण स्पष्ट हो पाएंगे।
