नई दिल्ली। पाकिस्तान के रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ की ओर से भारत के खिलाफ दिए गए युद्ध संबंधी बयान पर भारत ने मंगलवार को कड़ी प्रतिक्रिया दी। विदेश मंत्रालय ने पाकिस्तान के दावों को पूरी तरह खारिज करते हुए कहा कि इस तरह की टिप्पणियां अपनी विफलताओं और मानवाधिकार उल्लंघनों से ध्यान भटकाने की हताश कोशिश हैं। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा कि पाकिस्तान भारत के खिलाफ मनगढ़ंत आरोप लगाकर अपने आंतरिक संकटों से दुनिया का ध्यान हटाना चाहता है।
‘अपनी नाकामियां छिपाने की कोशिश कर रहा पाकिस्तान’
साप्ताहिक प्रेस ब्रीफिंग के दौरान रणधीर जायसवाल ने कहा कि पाकिस्तान के रक्षा मंत्री की टिप्पणियों से जुड़ी रिपोर्टें भारत ने देखी हैं। उन्होंने कहा कि ऐसे बयान पाकिस्तान की अपनी नाकामियों पर पर्दा डालने और मानवाधिकार हनन से ध्यान हटाने की कोशिश हैं। भारत इन मनगढ़ंत आरोपों को पूरी तरह खारिज करता है। जायसवाल ने कहा कि पाकिस्तान लगातार झूठे दावों के जरिए अंतरराष्ट्रीय समुदाय को गुमराह करने का प्रयास कर रहा है, लेकिन तथ्यों से उसकी स्थिति उजागर हो रही है।
पीओके में दमन और मानवाधिकार उल्लंघन का मुद्दा उठाया
भारत ने पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (पीओके) में चल रहे विरोध प्रदर्शनों और वहां की स्थिति को लेकर भी पाकिस्तान को घेरा। विदेश मंत्रालय ने कहा कि पीओके में मौजूदा असंतोष पाकिस्तान की दशकों पुरानी आर्थिक शोषण, बुनियादी अधिकारों से वंचित रखने और प्रशासनिक दमन की नीतियों का परिणाम है। भारत के अनुसार, पाकिस्तान ने वहां विरोध कर रहे लोगों के खिलाफ पुलिस बल का अत्यधिक इस्तेमाल किया है। आवश्यक वस्तुओं और दवाओं की आपूर्ति बाधित करने, इंटरनेट बंद करने तथा निहत्थे नागरिकों के खिलाफ घातक बल प्रयोग जैसे कदम हालात को और गंभीर बना रहे हैं।
अंतरराष्ट्रीय समुदाय से कार्रवाई की मांग
रणधीर जायसवाल ने कहा कि पीओके की स्थिति को लेकर अंतरराष्ट्रीय समुदाय को पाकिस्तान को जवाबदेह ठहराना चाहिए। उन्होंने कहा कि वहां हुई घटनाओं में कई लोगों की जान जा चुकी है और मानवाधिकारों का गंभीर उल्लंघन हुआ है। भारत ने उम्मीद जताई कि वैश्विक समुदाय पाकिस्तान की कार्रवाइयों, दुराचार और मानवाधिकार हनन पर ध्यान देगा तथा उसे जवाबदेह बनाएगा।
सिंधु जल संधि को लेकर दी थी युद्ध की धमकी
भारत की प्रतिक्रिया पाकिस्तान के रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ के उस बयान के बाद आई, जिसमें उन्होंने कहा था कि यदि पाकिस्तान को लगेगा कि उसकी जल सुरक्षा खतरे में है तो वह भारत के खिलाफ युद्ध का विकल्प चुन सकता है। एक पाकिस्तानी टीवी चैनल से बातचीत में आसिफ ने कहा था कि पानी पाकिस्तान की राष्ट्रीय सुरक्षा का हिस्सा है और यदि उस पर खतरा महसूस हुआ तो भारत के खिलाफ युद्ध होगा। यह बयान सिंधु जल संधि को लेकर जारी तनाव के बीच आया है। भारत ने पिछले वर्ष पहलगाम आतंकी हमले के बाद संधि को स्थगित कर दिया था और स्पष्ट किया है कि सीमा पार आतंकवाद के खिलाफ पाकिस्तान की विश्वसनीय कार्रवाई तक यह स्थिति बनी रहेगी।
