सनातन दिलों में बसता है’: कुरुक्षेत्र में CM सैनी का बड़ा संदेश; सोमनाथ से जोड़ी सांस्कृतिक चेतना

कुरुक्षेत्र। हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कुरुक्षेत्र में आयोजित ‘सोमनाथ स्वाभिमान पर्व’ कार्यक्रम में भारत की सनातन परंपरा, सांस्कृतिक चेतना और आध्यात्मिक विरासत को लेकर बड़ा संदेश दिया। ‘हर हर महादेव’ के जयघोष के साथ भाषण शुरू करते हुए सैनी ने कहा कि भारत केवल एक भूभाग नहीं, बल्कि हजारों वर्षों पुरानी सभ्यता और आध्यात्मिक चेतना है। उन्होंने कहा कि विदेशी आक्रमणकारियों ने मंदिरों को तोड़ने के साथ भारत की आस्था और पहचान मिटाने की कोशिश की, लेकिन सनातन हमेशा और मजबूत होकर खड़ा हुआ। कार्यक्रम में 101 महिलाओं की कलश यात्रा भी निकाली गई, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल हुए।

कुरुक्षेत्र में ‘सोमनाथ स्वाभिमान पर्व’ का आयोजन

मुख्यमंत्री सैनी ने कहा कि वैदिक नदियों अरुणाई और सरस्वती के संगम पर आयोजित यह पर्व आध्यात्मिक रूप से बेहद महत्वपूर्ण है। उन्होंने प्राचीन संगमेश्वर मंदिर को भारत की सांस्कृतिक विरासत का प्रतीक बताया। कार्यक्रम के दौरान उन्होंने 101 महिलाओं की भव्य कलश यात्रा को हरी झंडी दिखाई। धार्मिक माहौल में निकली इस यात्रा में बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल हुए। देशभर के तीर्थ स्थलों से आए संतों और महात्माओं का भी सम्मान किया गया।

‘सनातन मंदिरों में नहीं, लोगों के दिलों में बसता है’

मुख्यमंत्री ने कहा कि सोमनाथ मंदिर का इतिहास भारत के साहस और आस्था का इतिहास है। उन्होंने कहा कि विदेशी आक्रमणकारियों ने कई बार मंदिर को लूटा और तोड़ा, लेकिन हर बार यह और मजबूती के साथ खड़ा हुआ। सैनी ने कहा कि आक्रमणकारियों ने सिर्फ मंदिर नहीं, बल्कि भारत की संस्कृति और पहचान को खत्म करने की कोशिश की थी। हालांकि वे यह नहीं समझ पाए कि सनातन केवल मंदिरों में नहीं, बल्कि भारत के लोगों के दिलों में बसता है।

सरदार पटेल और राजेंद्र प्रसाद का भी किया जिक्र

मुख्यमंत्री ने स्वतंत्रता के बाद सोमनाथ मंदिर के पुनर्निर्माण का जिक्र करते हुए कहा कि सरदार वल्लभभाई पटेल ने इसे राष्ट्रीय स्वाभिमान की पुनर्स्थापना माना था। उन्होंने कहा कि भारत के पहले राष्ट्रपति डॉ. राजेंद्र प्रसाद ने मई 1951 में पुनर्निर्मित मंदिर का उद्घाटन किया था। सैनी ने कहा कि इस पुनर्निर्माण के 75 साल पूरे होना हर भारतीय के लिए गर्व की बात है। उन्होंने यह भी कहा कि इस वर्ष सोमनाथ पर पहले हमले के 1000 साल भी पूरे हो रहे हैं।

राम मंदिर से काशी और महाकाल तक का जिक्र

सैनी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत की सांस्कृतिक विरासत को वैश्विक पहचान मिलने की बात कही। उन्होंने अयोध्या में राम मंदिर निर्माण, काशी विश्वनाथ धाम, महाकाल लोक और केदारनाथ धाम के पुनर्विकास का जिक्र करते हुए कहा कि इन परियोजनाओं ने भारत को उसकी सभ्यतागत जड़ों से फिर जोड़ा है। उन्होंने कहा कि चारधाम परियोजना, प्रसाद योजना और विरासत स्थलों के संरक्षण जैसे कदम भारत की आध्यात्मिक पहचान को मजबूत कर रहे हैं।

युवाओं से संस्कृति से जुड़ने की अपील

मुख्यमंत्री ने युवाओं से भारत की आध्यात्मिक और सांस्कृतिक जड़ों से जुड़ने की अपील की। उन्होंने कहा कि यह पर्व केवल अतीत को याद करने का कार्यक्रम नहीं, बल्कि सांस्कृतिक जागरण और राष्ट्रीय चेतना का अभियान है। सैनी ने कहा कि माता-पिता और समाज की जिम्मेदारी है कि आने वाली पीढ़ियां भारत की परंपराओं, विरासत और आध्यात्मिक मूल्यों से जुड़ी रहें। उन्होंने कहा कि नया भारत विकास और विरासत दोनों को साथ लेकर आगे बढ़ रहा है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *