रायबरेली. उत्तर प्रदेश की राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने शुक्रवार को रायबरेली स्थित आधुनिक रेल डिब्बा कारखाना यानी एमसीएफ का दौरा किया। इस दौरान उन्होंने जन भवन के अधिकारियों और कर्मचारियों के साथ आयोजित चिंतन शिविर एवं प्रबंधन दक्षता संवर्धन कार्यक्रम में हिस्सा लिया। कार्यक्रम में राज्यपाल ने संस्थान में कार्यदक्षता, आपसी समन्वय और परिणाम आधारित कार्य संस्कृति को मजबूत बनाने पर विशेष जोर दिया। उन्होंने अधिकारियों और कर्मचारियों से सीधे संवाद करते हुए टीम भावना और नवाचार को संस्थान की सफलता का मुख्य आधार बताया।

चिंतन शिविर में प्रशासनिक सुधार पर चर्चा
एमसीएफ परिसर में आयोजित चिंतन शिविर के दौरान पारदर्शी प्रशासन, नवाचार आधारित कार्यप्रणाली और बेहतर प्रबंधन रणनीतियों पर समूह चर्चा हुई। राज्यपाल ने अधिकारियों को रणनीतिक और कार्यवाही आधारित दिशा-निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि संस्थानों की प्रगति के लिए पारदर्शिता और समन्वय बेहद जरूरी है। कर्मचारियों को आधुनिक कार्यशैली अपनाने और जिम्मेदारी के साथ काम करने के लिए प्रेरित किया गया। कार्यक्रम के दौरान कई प्रशासनिक और प्रबंधन संबंधी सुझाव भी साझा किए गए।

एमसीएफ की उपलब्धियों की जानकारी
एमसीएफ के महाप्रबंधक रामन कृष्णन ने राज्यपाल को कारखाने की उपलब्धियों और उत्पादन क्षमता के बारे में जानकारी दी। उन्होंने बताया कि पिछले वर्षों में एमसीएफ ने रेल कोच निर्माण और तकनीकी सुधार के क्षेत्र में महत्वपूर्ण प्रगति की है। कार्यक्रम में प्रधान मुख्य यांत्रिक इंजीनियर विवेक खरे ने भी कोच और व्हील निर्माण की तकनीकी प्रक्रिया के बारे में विस्तार से जानकारी दी। अधिकारियों ने आधुनिक मशीनों और उत्पादन प्रणाली की विशेषताओं को भी प्रस्तुत किया।

नई मशीनों का लोकार्पण
दौरे के दौरान राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने एमसीएफ की व्हील शॉप में स्थापित नई मशीनों का लोकार्पण भी किया। उन्होंने ‘आत्मनिर्भर भारत’ और ‘मेक इन इंडिया’ अभियान को मजबूत करने में एमसीएफ की भूमिका की सराहना की। राज्यपाल ने कहा कि भारतीय रेलवे के लिए स्वदेशी तकनीक और उत्पादन क्षमता बढ़ाना देश की आर्थिक मजबूती के लिए अहम है। उन्होंने कारखाने की कार्यप्रणाली और तकनीकी विकास को सराहनीय बताया।
गरिमामय माहौल में संपन्न हुआ कार्यक्रम
पूरा कार्यक्रम उत्साहपूर्ण और गरिमामय वातावरण में आयोजित किया गया। अधिकारियों और कर्मचारियों ने राज्यपाल का स्वागत किया और संस्थान की गतिविधियों की जानकारी साझा की। एमसीएफ प्रशासन ने कहा कि इस तरह के कार्यक्रम कर्मचारियों में नई ऊर्जा और कार्य के प्रति सकारात्मक दृष्टिकोण विकसित करने में मदद करते हैं।
