संसद घेराव के बीच सरकार की बैकचैनल रणनीति,पहले बिना मांगपत्र पहुंचे CJP नेता, फिर शाम को सौंपा ज्ञापन; सरकार ने नहीं दिया कोई आश्वासन

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नेशनल डेस्क। संसद के मानसून सत्र के पहले दिन एक तरफ दिल्ली की सड़कों पर सीजेपी के ‘संसद चलो’ मार्च को लेकर हिंसक झड़पें होती रहीं, वहीं दूसरी तरफ केंद्र सरकार ने बैकचैनल बातचीत का रास्ता भी खुला रखा। केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा ने सीजेपी प्रतिनिधियों से दो दौर की बैठक की, लेकिन सूत्रों के मुताबिक सरकार ने उनकी तीनों प्रमुख मांगों पर कोई आश्वासन नहीं दिया। पूरे घटनाक्रम के दौरान गृह मंत्री अमित शाह संसद और दिल्ली पुलिस के शीर्ष अधिकारियों के साथ लगातार स्थिति की निगरानी करते रहे।

सरकार ने अपनाई दोहरी रणनीति
सूत्रों के मुताबिक सरकार ने पूरे घटनाक्रम को दो स्तर पर संभाला। पहला, संसद के बाहर प्रदर्शन और कानून-व्यवस्था को नियंत्रित करना, जबकि दूसरा, आंदोलनकारी संगठन सीजेपी से बातचीत के जरिए तनाव कम करने की कोशिश करना। गृह मंत्री अमित शाह संसद भवन में मौजूद रहकर लगातार दिल्ली पुलिस आयुक्त, गृह सचिव और इंटेलिजेंस ब्यूरो प्रमुख के संपर्क में रहे। पुलिस को स्पष्ट निर्देश दिए गए कि उकसावे के बावजूद संयम बनाए रखा जाए और ऐसी कोई कार्रवाई न हो जिससे हालात और बिगड़ें।

जेपी नड्डा को क्यों सौंपी गई बातचीत की जिम्मेदारी
सरकार ने सीजेपी से बातचीत की जिम्मेदारी केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री और राज्यसभा में सदन के नेता जेपी नड्डा को दी। सूत्रों का कहना है कि भले ही नीट परीक्षा राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी कराती है, लेकिन मेडिकल शिक्षा, राष्ट्रीय चिकित्सा आयोग, एमबीबीएस-बीडीएस सीटों और काउंसलिंग की जिम्मेदारी स्वास्थ्य मंत्रालय से जुड़ी है। इसी वजह से सरकार ने माना कि प्रदर्शनकारियों से बातचीत के लिए नड्डा सबसे उपयुक्त मंत्री होंगे।

पहली बैठक में नहीं था लिखित मांगपत्र
सूत्रों के अनुसार पहली बैठक सुबह करीब 11:50 बजे हुई। सीजेपी के दो प्रतिनिधि नड्डा से मिलने पहुंचे और मौखिक रूप से अपनी मांगें रखीं। इस पर नड्डा ने पूछा कि वे लिखित ज्ञापन क्यों नहीं लाए। उन्होंने प्रतिनिधियों से अपनी मांगें लिखित रूप में सौंपने को कहा। इसके बाद प्रतिनिधि वापस लौटे और शाम करीब चार बजे विस्तृत मांगपत्र लेकर दोबारा नड्डा के आवास पहुंचे।

तीनों मांगों पर सरकार ने नहीं दिया आश्वासन
दूसरे दौर की बैठक में सीजेपी ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को हटाने, सोनम वांगचुक से जुड़े मुद्दों और आत्महत्या करने वाले छात्रों के परिवारों को एक करोड़ रुपये मुआवजा देने जैसी मांगों का ज्ञापन सौंपा। सूत्रों के मुताबिक नड्डा ने इन तीनों मांगों पर किसी भी प्रकार का आश्वासन या वादा नहीं किया। उन्होंने केवल प्रदर्शन समाप्त करने और प्रशासन के साथ सहयोग करने की अपील की ताकि सामान्य स्थिति बहाल हो सके।

अमित शाह के कमरे में चलती रही रणनीति
सूत्रों के अनुसार संसद भवन में गृह मंत्री अमित शाह के कार्यालय में कई घंटे तक उच्चस्तरीय बैठक चली। इसमें वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल, शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान और संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू भी मौजूद रहे। सरकार एक तरफ संसद के भीतर विपक्ष की रणनीति का जवाब तैयार कर रही थी तो दूसरी ओर सड़कों पर जारी आंदोलन और सुरक्षा व्यवस्था पर भी लगातार नजर रखी जा रही थी।

सरकार का दावा- आंदोलन को मिला राजनीतिक समर्थन
सरकारी सूत्रों का दावा है कि प्रदर्शन में बड़ी संख्या में विभिन्न राजनीतिक दलों और छात्र संगठनों के कार्यकर्ता शामिल थे। उनके अनुसार आजाद समाज पार्टी, समाजवादी पार्टी, आम आदमी पार्टी और वामपंथी छात्र संगठनों के कार्यकर्ताओं की मौजूदगी दर्ज की गई। सरकार का अनुमान है कि करीब एक हजार से डेढ़ हजार छात्र ऐसे भी थे जिनकी वास्तविक शिकायतें थीं, लेकिन वे राजनीतिक भीड़ का हिस्सा बन गए।

सरकार ने बताया क्यों कम दिखे वास्तविक अभ्यर्थी
सरकारी आकलन के मुताबिक अब तक नीट, जेईई और सीयूईटी जैसी प्रमुख परीक्षाओं में 50 लाख से अधिक छात्र शामिल हो चुके हैं। इनमें से अधिकांश के लिए काउंसलिंग और दाखिले की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। सरकार का मानना है कि वास्तविक अभ्यर्थी फिलहाल प्रवेश प्रक्रिया में व्यस्त हैं, इसलिए बड़ी संख्या में उनके प्रदर्शन में शामिल होने की संभावना कम है। यही वजह है कि सरकार आंदोलन को अधिक राजनीतिक रंग वाला मान रही है।

आगे क्या होगा, इस पर बनी हुई है नजर
सूत्रों का कहना है कि फिलहाल यह स्पष्ट नहीं है कि सरकार और सीजेपी के बीच आगे कोई और बैठक होगी या नहीं। सरकार का मानना है कि पेपर लीक मामले की सीबीआई जांच जारी है, जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई हो चुकी है और आगे भी कानूनी प्रक्रिया जारी रहेगी। वहीं संसद के भीतर विपक्ष इस मुद्दे को उठाने की तैयारी में है, जिससे मानसून सत्र के शुरुआती दिनों में गतिरोध बने रहने की संभावना जताई जा रही है।