नेशनल डेस्क। मानसून सत्र के पहले दिन संसद की ओर निकला कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) का ‘संसद चलो’ मार्च हिंसक झड़प में बदल गया। दिल्ली के कई इलाकों में प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच टकराव, लाठीचार्ज और आंसू गैस के बीच हालात बिगड़ गए। दिल्ली पुलिस के मुताबिक हिंसा में 118 से ज्यादा पुलिसकर्मी घायल हुए हैं, जबकि करीब 60 प्रदर्शनकारियों के भी चोटिल होने की सूचना है। मामले में कई एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है।
संसद पहुंचने से पहले ही बवाल
सीजेपी ने राष्ट्रीय स्तर की परीक्षाओं में कथित गड़बड़ियों और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर ‘संसद चलो’ मार्च का आह्वान किया था। हजारों प्रदर्शनकारी जंतर-मंतर से संसद की ओर बढ़े, लेकिन रास्ते में लगाए गए बैरिकेड्स तोड़ने की कोशिश के बाद पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच टकराव शुरू हो गया। कई समूह वैकल्पिक रास्तों से संसद पहुंचने का प्रयास करते रहे।

आंसू गैस और लाठीचार्ज से बिगड़े हालात
संविधान क्लब, पटेल चौक, शास्त्री भवन, संसद मार्ग और आरबीआई भवन के आसपास हालात सबसे ज्यादा तनावपूर्ण रहे। पुलिस ने भीड़ को रोकने के लिए आंसू गैस के गोले छोड़े और लाठीचार्ज किया। कई इलाकों में इंटरनेट सेवाएं भी अस्थायी रूप से बंद कर दी गईं। पूरे इलाके में अफरा-तफरी का माहौल बन गया।
118 पुलिसकर्मी और 60 प्रदर्शनकारी घायल
दिल्ली पुलिस के अनुसार हिंसा में स्पेशल कमिश्नर, जॉइंट कमिश्नर, एडिशनल कमिश्नर, डीसीपी, एसीपी समेत कई वरिष्ठ अधिकारी घायल हुए हैं। कई महिला पुलिसकर्मी भी चोटिल हुईं। पुलिस का कहना है कि प्रदर्शनकारियों ने पथराव किया, सरकारी वाहनों को नुकसान पहुंचाया और सार्वजनिक संपत्ति को क्षति पहुंचाई। वहीं झड़प में करीब 60 प्रदर्शनकारी भी घायल हुए हैं।

70 से ज्यादा हिरासत में, कई एफआईआर दर्ज
पुलिस ने अब तक 70 से अधिक लोगों को हिरासत में लिया है। भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की विभिन्न धाराओं के तहत दंगा, सरकारी कर्मचारियों पर हमला, सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाने समेत कई आरोपों में एफआईआर दर्ज की गई हैं। पुलिस का दावा है कि हिरासत में लिए गए सभी लोग छात्र नहीं हैं और कई अन्य व्यक्तियों की भूमिका की भी जांच की जा रही है।
CCTV और मोबाइल वीडियो से होगी पहचान
दिल्ली पुलिस ने हिंसा वाले सभी इलाकों की सीसीटीवी फुटेज और मोबाइल वीडियो खंगालना शुरू कर दिया है। जांच एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि पथराव, तोड़फोड़ और पुलिस पर हमले में कौन-कौन शामिल था। साथ ही यह भी जांच की जा रही है कि हिंसा स्वतः हुई या इसके पीछे कोई बड़ी साजिश थी।
महिला हेड कांस्टेबल गंभीर रूप से घायल
शाम करीब छह बजे शांग्री-ला होटल के पास प्रदर्शनकारियों ने एक पुलिस वाहन को पलट दिया और उस पर पथराव किया। इस दौरान एक महिला हेड कांस्टेबल के सिर में गंभीर चोट लगी, जिन्हें अस्पताल ले जाकर चार से पांच टांके लगाए गए। फिलहाल उनकी हालत खतरे से बाहर बताई गई है।

पांच मेट्रो स्टेशन रहे बंद
सुरक्षा के मद्देनजर दिल्ली मेट्रो ने दिनभर राजीव चौक, जनपथ, पटेल चौक, सेंट्रल सेक्रेटेरिएट और सेवा तीर्थ मेट्रो स्टेशन बंद रखे। बाद में चरणबद्ध तरीके से इन्हें खोला गया, हालांकि कुछ प्रवेश और निकास द्वार देर तक बंद रहे। वायलेट लाइन पर भी कुछ समय के लिए सेवाएं प्रभावित हुईं।
सरकार और प्रदर्शनकारियों के बीच हुई बातचीत
हिंसा के बीच केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा ने सीजेपी प्रतिनिधिमंडल से दो बार मुलाकात की। प्रदर्शनकारियों ने अपनी मांगों का लिखित ज्ञापन सौंपा, लेकिन सरकारी सूत्रों के अनुसार नड्डा ने किसी भी प्रमुख मांग पर तत्काल कोई आश्वासन नहीं दिया। उन्होंने प्रदर्शन समाप्त कर सामान्य स्थिति बहाल करने में सहयोग की अपील जरूर की।
