अन्नामलाई की नई सियासी पारी; बोले- घर पर छोड़िए जाति-धर्म, 2031 में लड़ेंगे चुनाव; ‘वी द लीडर्स’ बनेगी राजनीतिक पार्टी

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तमिलनाडु। पूर्व बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष के. अन्नामलाई ने अपनी नई राजनीतिक मुहिम ‘वी द लीडर्स’ को भविष्य में राजनीतिक दल बनाने का ऐलान किया है। पोल्लाची में आयोजित पहले सम्मेलन में उन्होंने कहा कि उनकी पार्टी 2031 विधानसभा चुनाव लड़ेगी। उन्होंने जाति और धर्म आधारित राजनीति से दूरी बनाने की बात भी कही।

तमिलनाडु के पोल्लाची में आयोजित ‘वी द लीडर्स’ के पहले सम्मेलन में अन्नामलाई ने कहा कि यह सिर्फ सामाजिक संगठन नहीं रहेगा, बल्कि आगे चलकर राजनीतिक दल बनेगा। उन्होंने दावा किया कि 38 दिनों में 19 लाख से ज्यादा लोग इस अभियान से जुड़े हैं। उनका कहना था कि जब यह संख्या 50 लाख होगी तो इसका मतलब होगा कि तमिलनाडु की जनता उन्हें राजनीति में देखना चाहती है।

अन्नामलाई ने कहा कि उनकी राजनीति सत्ता हासिल करने या सस्ती बयानबाजी के लिए नहीं होगी। उनका लक्ष्य स्वस्थ राजनीति, सामाजिक बदलाव, महिला सशक्तिकरण और नशामुक्त तमिलनाडु बनाना है। उन्होंने कहा कि 2031 के विधानसभा चुनाव में उनकी पार्टी जनता के सामने एक नए विकल्प के रूप में जाएगी।

सम्मेलन के दौरान अन्नामलाई ने जाति और धर्म की राजनीति पर भी खुलकर बयान दिया। उन्होंने कहा, “मैं हिंदू हूं, माथे पर तिलक लगाता हूं, लेकिन जब घर से बाहर निकलता हूं तो अपनी जाति और धर्म घर पर ही छोड़ देता हूं। सार्वजनिक जीवन में सभी लोग मेरे लिए बराबर हैं।”

उन्होंने कहा कि सच्चा हिंदू कभी किसी को ऊंचा-नीचा नहीं मानता और सभी को साथ लेकर चलने की बात करता है। धर्म हर व्यक्ति के लिए महत्वपूर्ण है, लेकिन उसे निजी जीवन तक सीमित रहना चाहिए। उन्होंने कहा कि अब तमिलनाडु में जाति और धर्म आधारित राजनीति काफी हो चुकी है।

अन्नामलाई ने नई सरकार पर नरम रुख भी दिखाया। उन्होंने कहा कि पहली बार मंत्री बने लोगों से गलतियां हो सकती हैं और ऐसे समय समाज का काम उन्हें गिराना नहीं बल्कि संभालना होना चाहिए। हालांकि उन्होंने राज्य पर बढ़ते कर्ज को लेकर चिंता जताई और दावा किया कि 2031 तक तमिलनाडु का कर्ज 14-15 लाख करोड़ रुपये तक पहुंच सकता है।

सम्मेलन में नशे और शराब के खिलाफ छह प्रस्ताव भी पारित किए गए। इनमें स्कूल-कॉलेज, धार्मिक स्थलों और बस स्टैंड के पास शराब की दुकानों को बंद करने तथा अवैध शराब बिक्री रोकने की मांग शामिल रही। इसी सम्मेलन के साथ अन्नामलाई ने अपनी नई राजनीतिक पारी की औपचारिक शुरुआत का संकेत भी दे दिया।