नई दिल्ली। केंद्र सरकार ने ई-रिक्शा और दूसरे इलेक्ट्रिक व्हीकल्स की बैटरी को दूर से बंद करने वाले ऐप्स पर बड़ा एक्शन लिया है। इलेक्ट्रॉनिक्स और आईटी मंत्रालय (MeitY) ने Google और Apple को नोटिस भेजकर ऐसे 7 ऐप्स हटाने को कहा है। सरकार का कहना है कि इन ऐप्स का गलत इस्तेमाल हो रहा है। आरोप है कि कुछ लोग बैटरी बंद कर ई-रिक्शा चालकों से पैसे वसूल रहे हैं। इससे वाहन मालिकों की सुरक्षा और इलेक्ट्रिक व्हीकल सिस्टम पर भी सवाल खड़े हो गए हैं।
बैटरी बंद कर बीच रास्ते रोके जा रहे थे ई-रिक्शा
सरकारी सूत्रों के मुताबिक कुछ ऐप्स की मदद से ई-रिक्शा की बैटरी को दूर से बंद किया जा रहा था। इससे चलते वाहन अचानक रुक जाते थे। कई मामलों में ड्राइवरों ने आरोप लगाया कि बैटरी चालू कराने के बदले पैसे मांगे गए। सरकार का मानना है कि इस तरह के ऐप्स का गलत इस्तेमाल आम लोगों के लिए खतरा बन सकता है। इसी वजह से Google Play Store और Apple App Store से इन्हें हटाने की प्रक्रिया शुरू की गई है।
BAT-BMS ऐप से शुरू हुआ पूरा मामला
इस कार्रवाई की शुरुआत BAT-BMS नाम के ऐप से हुई। यह चीन की कंपनी Shenzhen Grenergy Technology का Battery Management System यानी BMS ऐप है। इसका असली मकसद Bluetooth वाली Lithium बैटरियों की चार्जिंग, वोल्टेज, तापमान और बैटरी हेल्थ की जानकारी देना है। जरूरत पड़ने पर यह चार्ज और डिस्चार्ज सिस्टम को भी कंट्रोल कर सकता है। लेकिन सरकार का कहना है कि इसी फीचर का गलत इस्तेमाल किया जा रहा था।
हर ई-रिक्शा इस ऐप से कंट्रोल नहीं होता
विशेषज्ञों का कहना है कि सोशल मीडिया पर चल रहे कई दावे पूरी तरह सही नहीं हैं। BAT-BMS हर ई-रिक्शा से कनेक्ट नहीं हो सकता। यह सिर्फ उन्हीं Lithium बैटरियों के साथ काम करता है जिनमें Bluetooth आधारित BMS लगा हो। कई ई-रिक्शा अभी भी Lead Acid बैटरी पर चलते हैं। वहीं कई कंपनियां अपना अलग Battery Management System इस्तेमाल करती हैं। ऐसे वाहनों पर यह ऐप काम नहीं करता।
सबसे बड़ी कमजोरी कमजोर सुरक्षा सिस्टम
जानकारों का कहना है कि असली समस्या ऐप नहीं, बल्कि कुछ बैटरियों की कमजोर सिक्योरिटी है। अगर किसी Battery Management System में पासवर्ड या मजबूत सुरक्षा नहीं है, तो 10 से 15 मीटर की दूरी पर मौजूद कोई भी व्यक्ति Bluetooth के जरिए उससे जुड़ सकता है। इसके बाद बैटरी का डिस्चार्ज फंक्शन बंद किया जा सकता है। इसी वजह से सरकार अब ऐसे सिस्टम की सुरक्षा मजबूत करने पर भी जोर दे रही है।
Google-Apple के जवाब का इंतजार
MeitY ने दोनों टेक कंपनियों को नोटिस भेज दिया है। उनसे इन ऐप्स को अपने प्लेटफॉर्म से हटाने को कहा गया है। हालांकि अभी तक Google और Apple की ओर से कोई आधिकारिक जवाब नहीं आया है। सरकार का कहना है कि इलेक्ट्रिक मोबिलिटी तेजी से बढ़ रही है। ऐसे में बैटरी सिस्टम की साइबर सुरक्षा मजबूत करना जरूरी है, ताकि भविष्य में किसी भी तरह के गलत इस्तेमाल को रोका जा सके।
