तिरुवनतंपुरम. केरल के त्रिशूर जिले में पुलिस ने एमडीएमए ड्रग्स की बड़ी खेप पकड़ते हुए सात लोगों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार आरोपियों में दो महिलाएं भी शामिल हैं। सबसे चौंकाने वाली बात यह रही कि एक महिला ने दो ग्राम एमडीएमए अपने प्राइवेट पार्ट में छिपा रखा था। शुरुआती कार्रवाई के बाद पुलिस ने जांच आगे बढ़ाई तो पूरे ड्रग्स नेटवर्क का खुलासा हो गया। दो अलग-अलग मामलों में कुल 308 ग्राम एमडीएमए जब्त की गई है, जिसकी बाजार कीमत 15 लाख रुपये से ज्यादा बताई जा रही है।
वाहन जांच में खुला पूरा मामला
कार्रवाई शुक्रवार रात वानियमपारा इलाके में नियमित वाहन जांच के दौरान शुरू हुई। पीची पुलिस ने एक कार को रोककर तलाशी ली। कार में सवार चार लोगों की गतिविधियां संदिग्ध लगीं, जिसके बाद विस्तृत जांच की गई। तलाशी के दौरान एक महिला के प्राइवेट पार्ट से दो ग्राम एमडीएमए बरामद हुई। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान शिफाज, विद्या, जिष्णु और श्रीलक्ष्मी के रूप में हुई है। पूछताछ में उन्होंने बताया कि वे पलक्कड़ जिले के मुथालामाडा स्थित एक रिसॉर्ट में पार्टी कर लौट रहे थे।
घर से मिला और ड्रग्स, जांच बढ़ी
पूछताछ के दौरान पुलिस को पता चला कि शिफाज ने ही एमडीएमए की व्यवस्था की थी। इसके बाद पुलिस ने पावरट्टी थाना क्षेत्र स्थित उसके घर पर छापा मारा। वहां से 13 ग्राम एमडीएमए बरामद हुई। जांच में यह भी सामने आया कि घर में रखी गई बड़ी मात्रा में ड्रग्स पहले ही उसका दोस्त सुमेश वहां से निकाल चुका था। इसके बाद पुलिस ने पूरे नेटवर्क की तलाश शुरू कर दी।
फैब्रिकेशन शॉप से मिली सबसे बड़ी खेप
जांच के दौरान पुलिस सुमेश तक पहुंची और उसके दो सहयोगियों शबीर पी.ए. और अंसाद की पहचान की। चावक्काड पुलिस ने दोनों को हिरासत में लेकर थाइक्काड स्थित एक एल्युमिनियम फैब्रिकेशन शॉप में छापा मारा। यहां से 288.8 ग्राम एमडीएमए बरामद हुई। बाद में सुमेश को भी गिरफ्तार कर लिया गया। पुलिस का मानना है कि यह संगठित ड्रग्स सप्लाई नेटवर्क का हिस्सा है और इससे जुड़े अन्य लोगों की भी तलाश की जा रही है।
15 लाख की एमडीएमए जब्त, सभी आरोपी जेल भेजे गए
पीची और चावक्काड पुलिस थानों में दर्ज दोनों मामलों में कुल 308 ग्राम एमडीएमए बरामद की गई है। इसकी अनुमानित कीमत 15 लाख रुपये से अधिक बताई गई है। रविवार को सभी सात आरोपियों को अदालत में पेश किया गया, जहां से उन्हें न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया। पुलिस अब ड्रग्स की सप्लाई चेन, खरीददारों और इस नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की पहचान करने में जुटी है।
