वर्ल्ड डेस्क। ओमान के पास अमेरिकी सैन्य कार्रवाई में तीन भारतीय नाविकों की मौत के बाद भारत ने होर्मुज जलडमरूमध्य और खाड़ी क्षेत्र में अपने समुद्री हितों की सुरक्षा को लेकर हाई अलर्ट जारी कर दिया है। केंद्र सरकार ने सभी संबंधित एजेंसियों को सतर्क रहने और किसी भी आपात स्थिति में तुरंत प्रतिक्रिया देने के निर्देश दिए हैं। सरकार की चिंता इसलिए भी बढ़ी है क्योंकि पिछले कुछ दिनों में भारतीय क्रू वाले कई जहाज हमलों का शिकार हुए हैं। भारतीय अधिकारियों का फोकस अब खाड़ी क्षेत्र में मौजूद हजारों भारतीय नाविकों और भारतीय जहाजों की सुरक्षा सुनिश्चित करने पर है।
3 भारतीय नाविकों की मौत ने बढ़ाई चिंता
ताजा संकट उस समय गहरा गया जब ओमान तट के पास तेल टैंकर एमटी सेटेबेलो पर अमेरिकी कार्रवाई में तीन भारतीय नाविकों की मौत हो गई। केंद्रीय मंत्री सर्बानंद सोनोवाल ने तीनों भारतीयों की मौत की पुष्टि की। रिपोर्ट्स के मुताबिक जहाज पर कुल 24 भारतीय क्रू मेंबर मौजूद थे, जिनमें से 21 को सुरक्षित बचा लिया गया। यह घटना होर्मुज क्षेत्र में भारतीय नाविकों के लिए सबसे गंभीर घटनाओं में से एक मानी जा रही है। भारत सरकार ने इस मामले पर अमेरिका के समक्ष कड़ा विरोध भी दर्ज कराया है।
अमेरिका को भारत का कड़ा संदेश
घटना के बाद भारत ने नई दिल्ली में अमेरिकी राजनयिक को तलब कर अपनी गंभीर चिंता जताई। विदेश मंत्रालय ने स्पष्ट किया कि समुद्री मार्गों पर काम कर रहे नागरिक नाविकों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है और ऐसी घटनाएं तत्काल रुकनी चाहिए। भारत ने क्षेत्र में तनाव कम करने और कूटनीतिक समाधान पर जोर दिया है। सरकार का मानना है कि बढ़ता सैन्य टकराव अंतरराष्ट्रीय समुद्री व्यापार और मानव जीवन दोनों के लिए बड़ा खतरा बन सकता है।
होर्मुज में फंसे भारतीय जहाजों पर भी नजर
सरकारी आंकड़ों के अनुसार होर्मुज क्षेत्र और आसपास के समुद्री मार्गों में बड़ी संख्या में भारतीय नाविक काम कर रहे हैं। रिपोर्टों के मुताबिक खाड़ी क्षेत्र में 18,000 से अधिक भारतीय नाविक मौजूद हैं, जबकि होर्मुज से जुड़े समुद्री क्षेत्र में कई भारतीय जहाज भी प्रभावित हुए हैं। कुछ रिपोर्टों में 13 भारतीय जहाजों के फंसे होने की बात कही गई है। ऐसे में केंद्र सरकार लगातार शिपिंग मंत्रालय, विदेश मंत्रालय, भारतीय नौसेना और विदेश स्थित भारतीय मिशनों के साथ समन्वय बनाए हुए है।
वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति के लिए अहम है होर्मुज
होर्मुज जलडमरूमध्य दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण समुद्री व्यापार मार्गों में गिना जाता है। खाड़ी देशों से निकलने वाला बड़ा हिस्सा तेल और गैस इसी रास्ते से वैश्विक बाजार तक पहुंचता है। इस क्षेत्र में किसी भी तरह का सैन्य तनाव सीधे ऊर्जा कीमतों, व्यापार और शिपिंग उद्योग को प्रभावित कर सकता है। भारत अपनी ऊर्जा जरूरतों का बड़ा हिस्सा आयात करता है, इसलिए सरकार इस पूरे घटनाक्रम पर बेहद करीबी नजर रख रही है।
सरकार की प्राथमिकता- भारतीयों की सुरक्षा
सरकार ने साफ किया है कि फिलहाल सबसे बड़ी प्राथमिकता भारतीय नाविकों और जहाजों की सुरक्षा है। सभी संबंधित एजेंसियों को चौबीसों घंटे निगरानी रखने और किसी भी आपात स्थिति में तत्काल कार्रवाई के लिए तैयार रहने को कहा गया है। बढ़ते क्षेत्रीय तनाव के बीच भारत लगातार हालात का आकलन कर रहा है और जरूरत पड़ने पर अतिरिक्त सुरक्षा तथा राहत उपायों पर भी विचार किया जा सकता है।
