नई दिल्ली। RSS प्रमुख मोहन भागवत जिस ट्रेन में सफर कर रहे थे, उस पर पथराव की घटना ने सुरक्षा एजेंसियों को अलर्ट कर दिया है। जानकारी के मुताबिक लखनऊ-दिल्ली शताब्दी एक्सप्रेस पर उत्तर प्रदेश के फिरोजाबाद जिले के पास पत्थर फेंका गया। घटना के समय राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सरसंघचालक मोहन भागवत ट्रेन में मौजूद थे। पथराव से ट्रेन की एक खिड़की क्षतिग्रस्त हो गई, लेकिन राहत की बात यह रही कि किसी यात्री को चोट नहीं लगी। घटना सामने आने के बाद रेलवे और सुरक्षा एजेंसियों ने जांच शुरू कर दी है।
E-1 कोच पर फेंका गया पत्थर, खिड़की का शीशा टूटा
प्रारंभिक जानकारी के अनुसार पथराव शताब्दी एक्सप्रेस की E-1 कोच पर हुआ। इसी कोच में मोहन भागवत यात्रा कर रहे थे। पत्थर लगने से कोच की खिड़की का शीशा टूट गया और यात्रियों के बीच कुछ समय के लिए अफरा-तफरी की स्थिति बन गई। हालांकि ट्रेन को नहीं रोका गया और यात्रा सामान्य रूप से जारी रही। अधिकारियों के मुताबिक घटना के तुरंत बाद रेलवे सुरक्षा बल और स्थानीय पुलिस को सूचना दी गई।
मोहन भागवत सुरक्षित, ट्रेन से नहीं उतरे
घटना के बावजूद मोहन भागवत पूरी तरह सुरक्षित हैं। रिपोर्ट के मुताबिक उन्होंने यात्रा बीच में नहीं छोड़ी और ट्रेन से नहीं उतरे। सुरक्षा अधिकारियों ने उनकी सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा की और पूरे मार्ग पर निगरानी बढ़ा दी। रेलवे प्रशासन का कहना है कि यात्रियों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है और मामले की हर पहलू से जांच की जा रही है।
हमला था या शरारत, जांच में जुटीं एजेंसियां
फिलहाल यह साफ नहीं हो पाया है कि पत्थर जानबूझकर ट्रेन को निशाना बनाकर फेंका गया था या यह किसी शरारती तत्व की हरकत थी। जांच एजेंसियां आसपास के इलाके के सीसीटीवी फुटेज और अन्य तकनीकी साक्ष्यों की मदद से घटना की पड़ताल कर रही हैं। अधिकारियों का कहना है कि जिम्मेदार लोगों की पहचान होने के बाद सख्त कार्रवाई की जाएगी।
ट्रेनों पर पथराव की घटनाएं पहले भी चिंता बढ़ा चुकी हैं
उत्तर प्रदेश में चलती ट्रेनों पर पथराव की घटनाएं पहले भी सामने आती रही हैं। पिछले महीनों में वंदे भारत जैसी ट्रेनों को भी निशाना बनाए जाने की घटनाएं हुई थीं, जिनमें खिड़कियों को नुकसान पहुंचा था। हालांकि अधिकतर मामलों में यात्रियों को गंभीर चोट नहीं लगी, लेकिन ऐसी घटनाएं रेलवे सुरक्षा व्यवस्था को लेकर सवाल खड़े करती रही हैं।
