चेन्नई। तमिलनाडु की नई सरकार ने शराब कारोबार को लेकर डीएमके पर गंभीर आरोप लगाए हैं। टीवीके सरकार के आबकारी मंत्री विग्नेश ने दावा किया है कि पिछली डीएमके सरकार के दौरान राज्य की शराब वितरण व्यवस्था में बड़े पैमाने पर अनौपचारिक वसूली होती थी। उनके मुताबिक शराब की हर पेटी पर तय कीमत से अतिरिक्त रकम ली जाती थी और इसी जरिए हर महीने 100 करोड़ रुपए से ज्यादा की अवैध कमाई होती थी। कोयंबटूर में मीडिया से बात करते हुए मंत्री ने कहा कि सरकार अब इस पूरे नेटवर्क पर कार्रवाई कर रही है और इससे राज्य के खजाने को बड़ा फायदा होगा।
हर शराब पेटी पर तय दर से ज्यादा वसूली का आरोप
मंत्री विग्नेश ने आरोप लगाया कि पिछली व्यवस्था में शराब की हर पेटी पर 90 रुपए अतिरिक्त वसूले जाते थे। इसी तरह बीयर की प्रत्येक पेटी पर 40 रुपए और वाइन की पेटी पर 20 रुपए अतिरिक्त लिए जाते थे। उनका दावा है कि यह रकम सरकारी खाते में जाने के बजाय अलग चैनलों के जरिए इकट्ठा की जाती थी। मंत्री ने कहा कि यह प्रक्रिया वर्षों से चल रही थी और इससे जुड़े लोग इसे नियमित आय के स्रोत की तरह इस्तेमाल कर रहे थे। उन्होंने आरोप लगाया कि इस पैसे का इस्तेमाल पार्टी फंड और कुछ परिवारों के हितों के लिए किया जाता था।
88 लाख शराब पेटियां और हजारों करोड़ की वसूली का दावा
विग्नेश के अनुसार हर साल करीब 88 लाख शराब पेटियां ऐसी थीं जिन पर कथित रूप से अतिरिक्त रकम वसूली जाती थी। उन्होंने कहा कि यदि प्रति पेटी वसूले गए इस अनौपचारिक शुल्क को जोड़ा जाए तो कुल रकम हजारों करोड़ रुपए तक पहुंचती है। मंत्री का दावा है कि केवल मासिक स्तर पर ही करीब 100 करोड़ रुपए की अवैध वसूली हो रही थी। उन्होंने कहा कि जांच के दौरान सामने आए आंकड़े बताते हैं कि यह मामला सिर्फ छोटे स्तर की गड़बड़ी नहीं बल्कि एक बड़े राजस्व रिसाव का उदाहरण था, जिससे सरकारी खजाने को नुकसान हुआ।
पहली कैबिनेट बैठक में उठा मुद्दा, सीएम विजय ने दिए निर्देश
मंत्री ने बताया कि 5 जून को हुई टीवीके सरकार की पहली कैबिनेट बैठक में इस मुद्दे पर विस्तार से चर्चा हुई थी। उनके मुताबिक मुख्यमंत्री विजय ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि सरकार का हर वैध रुपया सीधे राज्य के खजाने तक पहुंचना चाहिए। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री ने साफ कर दिया है कि किसी भी तरह की अनौपचारिक वसूली या राजस्व रिसाव को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। सरकार अब शराब वितरण प्रणाली की निगरानी मजबूत करने और पूरे ढांचे को अधिक पारदर्शी बनाने की दिशा में काम कर रही है।
सरकार का दावा- खजाने में आएंगे 1,200 करोड़ रुपए अतिरिक्त
टीवीके सरकार का अनुमान है कि मौजूदा कार्रवाई और निगरानी व्यवस्था लागू होने के बाद राज्य को हर साल करीब 1,200 करोड़ रुपए का अतिरिक्त राजस्व मिल सकता है। मंत्री विग्नेश ने कहा कि पहले जो रकम कथित रूप से निजी हाथों में जा रही थी, अब वह सीधे सरकारी खजाने में पहुंचेगी। हालांकि डीएमके की ओर से इन आरोपों पर तत्काल कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है। ऐसे में आने वाले दिनों में यह मुद्दा तमिलनाडु की राजनीति में बड़ा विवाद बन सकता है, क्योंकि आरोप सीधे पिछली सरकार की कार्यप्रणाली और वित्तीय पारदर्शिता पर सवाल खड़े कर रहे हैं।
